शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

बजाज फाइनेंस का मुनाफा चौथी तिमाही में 21.1% बढ़ा

बजाज ग्रुप की एनबीएफसी कंपनी बजाज फाइनेंस ने चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। बजाज फाइनेंस के मुनाफे में 21.1% की बढ़ोतरी देखने को मिली है।

 कंसोलिडेटेड आधार पर मुनाफा 3157.8 करोड़ रुपये से बढ़कर 3824.5 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं ब्याज से शुद्ध आय यानी एनआईआई (NII) में 28.1% की वृद्धि दर्ज हुई है। एनआईआई 6254.1 करोड़ रुपये से बढ़कर 8013 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। लोन के लिए सालाना आधार पर प्रोविजन 52.5% बढ़ा है। प्रोविजन 859 करोड़ रुपये से बढ़कर 1310 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं तिमाही आधार पर प्रोविजन में 5% की वृद्धि हुई है । यह 1248 करोड़ रुपये से बढ़कर 1310 करोड़ रुपये हो गई है। बजाज फाइनेंस के नतीजे अनुमान से बेहतर आए हैं। हालाकि शुद्ध ब्याज मार्जिन यानी एनआईएम (NIM) में गिरावट देखने को मिली है। छोटी अवधि में गाइडेंस कमजोर है, हालाकि लंबी अवधि के गाइडेंस में मैनेजमेंट ने किसी तरह का कोई बदलाव नही किया है। सकल एनपीए यानी ग्रॉस एनपीए (NPA) 0.95% से घटकर 0.85% हो गया है। वहीं शुद्ध एनपीए बिना बदलाव के 0.37% है। वहीं कपनी का शुद्ध ब्याज मार्जिन 10.15% से घटकर 9.9% दर्ज हुआ है। वित्त वर्ष 2024 के लिए रिटर्न ऑन एसेट 5.3% से घटकर 5.1% रह गया है। वहीं रिटर्न ऑन इक्विटी 23.5% से घटकर 22.1% के स्तर पर पहुंच गया है। बोर्ड ने 36 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड का ऐलान किया है। डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 21 जून तय की गई है।

 

(शेयर मंथन, 25 अप्रैल 2023)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख