शेयर मंथन में खोजें

सोयाबीन और सीपीओ में हो सकती है बढ़त - एसएमसी

सोयाबीन वायदा (फरवरी) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 3,500-3,600 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।

पेराई मिलों की ओर बेहतर माँग के बावजूद देश के प्रमुख हाजिर बाजारों में सोयाबीन की कीमतों में स्थिरता का रुझान है। बेंचमार्क बाजार इंदौर में सोयाबीन की कीमतें 3,375-30,775 रुपये के दायरे में स्थिर हैं जबकि रिफाइंड सोया तेल की कीमतें 5 रुपये की गिरावट के साथ 732 रुपये प्रति 10 किलो ग्राम हो गयी हैं। सोयामील की कीमतें 300 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 28,600 रुपये प्रति टन हो गयी है। अगामी दिनों में सोयामील की माँग में बढ़ोतरी जारी रहने की संभावना है। सीपीओ वायदा (फरवरी) की कीमतों में 575-578 रुपये तक बढ़त दर्ज किये जाने की संभावना है। मलेशियन पॉम ऑयल वायदा में तेजी के रुझान के कारण बेंचमार्क कांडला बंदरगाह पर रिफाइंड पॉम ऑयल की कीमते 5 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 620 प्रति 10 किलो ग्राम हो गयी है। उत्पादन में कम होने के अनुमान के कारण मलेशियन पॉम ऑयल वायदा की कीमतों में लगातार तीसरे दिन 1% से अधिक की बढ़त दर्ज की गयी। बीएमडी में मलेशियन पॉम ऑयल अप्रैल वायदा की कीमतें 1.1% की बढ़ोतरी के साथ 2,521 रिंगिट के स्तर पर पहुँच गयी हैं। सरसों वायदा (अप्रैल) की कीमतें के 4,040-4,110 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। कृषि मंत्रालय के अनुसार पिछले गुरुवार तक देश में सरसों का कुल उत्पादन क्षेत्र पिछले वर्ष की तुलना में 5% की कमी के साथ 6.7 मिलियन हेक्टेयर रह गया है। (शेयर मंथन, 25 जनवरी 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख