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हल्दी और जीरे में नरमी का रुझान - एसएमसी

हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों के नरमी के साथ 7,200 रुपये के स्तर पर पहुँचने की संभावना है।

स्थानीय त्योहार के कारण निजामाबाद का हाजिर बाजार कल बंद था जबकि डुग्गीराल, बसमतनगर और इरोद में हल्दी की कीमतों में स्थिरता है। अधिक नमी के कारण सांगली बाजार में हल्दी की कीमतों में 300 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट हुई है। खरीदार लांग पोजिशन लेने में हिचक रहे हैं। हाजिर बाजारों में मैसूर वेराइटी की हल्दी की आवक हो रही है। जीरा वायदा (मार्च) की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ 16,350-16,550 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। गुजरात के ऊंझा और राजकोट बाजार में जीरे की कीमतों में स्थिरता है। माँग और आपूर्ति में संतुलन के कारण जीरे कीमतों में कोई बदलाव नही हुआ है। नयी फसल की आवक में अधिक नमी के कारण खरीदार बाजार से दूरी बनाये हुए हैं। फरवरी के अंत तक जीरे की आवक में तेजी आने की संभावना है। कारोबारियों के अनुसार 2017-18 (अक्टूबर-सिंतबर) में देश जीरे का कुल उत्पादन 30% बढ़ कर 6.5 मिलियन बैग होने का अनुमान है। धनिया वायदा (जनवरी) की कीमतें 5,800-5,970 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती हैं। राजकोट बाजार में धनिया की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है लेकिन राजस्थान और मध्य प्रदेश के अन्य हाजिर बाजारों में कीमतों में स्थिरता है। सुस्त कारोबारियों के कारण गुना, कोटा और बरान के हाजिर बाजारों में स्थिरता है। (शेयर मंथन, 25 जनवरी 2018)

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