सोयाबीन वायदा (फरवरी) की कीमतें 4,550-4,750 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है।
हल्दी वायदा (जून) की कीमतों के 6,985-7,120 रुपये के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (अक्टूबर) की कीमतों को 6,150 रुपये के स्तर पर रुकावट का सामना करना पड़ सकता है।
हल्दी वायदा (नवंबर) की कीमतें यदि 5,760 रुपये से नीचे टूटती है तो 5,700 रुपये तक लुढ़क सकती हैं।
हाजिर बाजारों में हल्दी की कीमतें नरमी के दायरे में है और और पर्याप्त माँग के अभाव में कीमतों में रिकवरी नही हो रही है।
हल्दी वायदा (अगस्त) की कीमतों को 6,800 रुपये के स्तर पर अड़चन रहने की संभावना है और कीमतों की बढ़त पर रोक लगी रह सकती है।
हल्दी वायदा की कीमतों के 5,900-5,980 रुपये के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (सितंबर) की कीमतों के 6,450-6,600 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 7,600-7,900 रुपये के दायरे में साइडवेज कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (मई) की कीमतों के 6,500-6,800 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (सितम्बर) की कीमतों के 5,850-5,950 रुपये के दायरे में मजबूत होने की संभावना है और कीमतों की बढ़त पर रोक लगी रह सकती है।
हल्दी वायदा (सितम्बर) की कीमतों के 5,750-5,850 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (जुलाई) की कीमतों को 200 दिनों के मूविंग एवरेज 7,160 रुपये के पास सहारा रहने की उम्मीद है, जबकि निचले स्तरों पर खरीदारी से कीमतें 7,350-7,450 रुपये के उच्च स्तर पर पहुँच सकती है।
हल्दी वायदा (अक्टूबर) की कीमतों के 5,750-5,850 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं।
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अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।
हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।