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जीरा में नरमी, धनिया की कीमतों में 6,445-6,545 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना - एसएमसी

हल्दी वायदा (अक्टूबर) की कीमतों के 5,750-5,850 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं।

हमेशा की तरह इरोड हल्दी मर्चेंट एसोसिएशन के बिक्री यार्ड में गुणवत्ता के कारण 35 प्रतिशत हल्दी की बिक्री हुई और अन्य शेष तीन बाजारों में शत-प्रतिशत बिक्री हुई। व्यापारियों ने अपने स्थानीय ऑर्डर को पूरा करने के लिए और कुछ घरेलू ऑर्डर के लिए भी खरीदारी की। इरोड हल्दी मर्चेंट्स एसोसिएशन की बिक्री यार्ड में, फिंगर वेराइटी की कीमतें 5,211-6,569 रुपये प्रति क्विंटल और रूट वेराइटी की कीमतें 4,744-5,729 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में रही। इरोड कोऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी में, फिंगर वेराइटी की कीमतें 5,019-6,050 रुपये प्रति क्विंटल और रूट वेराइटी की कीमतें 4,560-5,699 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में रही। आवक भी 2,582 बैग तक बढ़ गयी।
जीरा वायदा (अक्टूबर) की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ 13,500-13,700 रुपये के दायरे में सीमित रहने की संभावना है। देश के प्रमुखा हाजिर बाजारों में जीरा की कीमतों में कल तेजी रही। यह ध्यान रखना दिलचस्प है कि बढ़ी हुई आवक के बीच कीमतों में तेजी आयी। ऊँझा में लगभग 12,000 बैग की आवक दर्ज की गयी जबकि ऊँझा मंडी में सभी जीरा किस्मों की कीमतें 15 रुपये प्रति 20 किलोग्राम बढ़ गयी। रफ जीरा और उत्तम क्वालिटी की कीमतें 15 रुपये बढ़कर क्रमशः 2,115-2,215 रुपये और 2,465-2,515 रुपये प्रति 20 किलोग्राम हो गयी हैं।
धनिया वायदा (अक्टूबर) की कीमतों के 6,445-6,545 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। भारत में धनिया मंडियों में कीमतों में मिला-जुला रुझान रहा है। रामगंज, गोंडल और राजकोट मंडियों में धनिया की कीमतों में गिरावट आयी, जबकि कोटा और गुना में मसाले की कीमत स्थिर रही। इस बीच बारान और कुंभराज मंडियों में धनिया की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। इस बीच, कोटा और बारान मंडी ने प्रत्येक में 2,500 बैग धनिया की आवक हुई। दोनों मंडियों में आमतौर पर धनिया की कीमतें स्थिर बतायी गयी थी। बारान में केवल ईगल किस्म की कीमत 100 रुपये रुपये बढ़कर 5,800-5,900 रुपये प्रति क्विंटल थी। (शेयर मंथन, 24 सितंबर 2020)

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