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जीरा और धनिया में हो सकती है गिरावट - एसएमसी

हल्दी वायदा (जून) की कीमतें 7,150-7,250 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती हैं।
इस समय बाजारो में सूखी और अच्छी हल्दी देखी जा रही है और कारोबारी एवं स्टॉकिस्ट स्टॉक जमा करने के लिए खरीदारी कर रहे हैं। इस बीच कारोबारी मॉनसून का भी इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के 29 मई को केरल के तट पर पहुँचने की संभावना है। इस वर्ष निर्यात माँग के साथ आयुर्वेदिक एवं कॉस्मेटिक उद्योगों की ओर से भी माँग में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
जीरा वायदा (जून) कीमतों के नरमी के रुझान के साथ कारोबार करने की संभावना है। जीरे में 15,500 रुपये तक गिरावट हो सकती हैं। गुजरात और राजस्थान में अधिक क्षेत्र में बुआई के कारण बंपर उत्पादन होने का अनुमान है। लेकिन राजस्थान में उत्पादकता को लेकर आशंका है। भारतीय मसाला महासंघ ने 2017-18 में 6.92 मिलियन बैग जीरे का उत्पादन होने का अनुमान लगाया है जबकि पिछले वर्ष में 5.83 मिलियन बैग उत्पादन हुआ था।
हाजिर बाजारों में नरमी के रुझान के कारण धनिया वायदा (जून) की कीमतों में 4,600 रुपये तक गिरावट होने की संभावना है। बढ़ती आवक और कमजोर माँग के कारण राजस्थान और गुजरात के प्रमुख हाजिर बाजारों में धनिया की कीमतों में 50-100 रुपये प्रति 100 किलो ग्राम की गिरावट हुई है। (शेयर मंथन, 22 मई 2018)

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