शेयर मंथन में खोजें

अधिक उत्पादन अनुमान से चना हो सकता है कमजोर - एसएमसी

अधिक उत्पादन अनुमान के कारण चना वायदा (जून) की कीमतों में 3,610 रुपये के सहारे से नीचे टूट कर 3,580 रुपये तक गिरावट हो सकती है।
सरकार द्वारा जारी तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार 2017-18 में चना का उत्पादन लगभग 2 मिलियन टन की बढ़ोतरी के साथ 11.16 मिलियन टन होने का अनुमान है, जबकि अरहर का उत्पादन लगभग 0.5 मिलियन टन की गिरावट के साथ 4.18 मिलियन टन और उड़द का उत्पादन 2016-17 के 2.83 मिलियन टन की तुलना में रिकॉर्ड 3.28 मिलियन टन होने का अनुमान है।
कॉटन वायदा (मई) की कीमतों के 20,600-20,800 रुपये के दायरे में साइडवेज कारोबार करने की संभावना है। चीन के प्रमुख कपास उत्पादक राज्य में भारी बारिश के कारण फसल नुकसान होने की आशंका से आईसीई में कॉटन वायदा की कीमतों में दो हफ्रते के उच्च स्तर पर बढ़त दर्ज की गयी है। आईसीई में कॉटन वायदा की कीमतें 0.7% की मामूली बढ़त के साथ 84.35 सेंट के स्तर पर कारोबार कर रही हैं।
ग्वारसीड वायदा (जून) की कीमतों के 3,840-3,900 रुपये और ग्वारगम वायदा (जून) की कीमतों के 8,350-8,450 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। विदेशी बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बाद तेल के उत्पादन में बढ़ोतरी और रिगों की संख्या में वृद्धि के कारण ग्वारगम की माँग में बढ़ोतरी हो रही है। (शेयर मंथन, 17 मई 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख