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रिफाइंड सोया तेल और सीपीओ में सुस्ती - एसएमसी

सोयाबीन वायदा (जून) की कीमतें यदि 3,600 रुपये से नीचे कारोबार करती है तो इनके 3,560 रुपये के स्तर पर लुढ़कने की संभावना हैं।
क्योंकि सभी फंडा मेंटल कमजोर रुझानों की ओर संकेत कर रहे हैं। कारोबारियों और पेराई मिलों की ओर से सुस्त माँग के कारण बेंचमार्क इंदौर बाजार में सोयाबीन की हाजिर कीमतें 25 रुपये की गिरावट के साथ 3,500-3,675 रुपये प्रति 100 किलो ग्राम हो गयी हैं। वर्तमान समय में बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही पेराई मिलें मरम्मत के लिए बंद होने लगती है और इस कारण सोयामील की माँग काफी कम हो जाती है। अगले महीने से सोयाबीन की बुआई शुरू होगी और इस वर्ष मॉनसून के सामान्य रहने के अनुमान के बाद उत्पादन क्षेत्र में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
रिफाइंड सोया तेल वायदा (जून) की कीमतों के 768-775 रुपये और सीपीओ वायदा (जून) की कीमतों के 657-662 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। विश्व स्तर पर पॉम ऑयल के कमजोर निर्यात माँग और सोया तेल की कीमतों में नरमी के कारण खाद्य तेल की कीमतों में गिरावट हो रही है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भी खाद्य तेलों की कीमतों पर दबाव पड़ रहा है। सरसों वायदा (जून) की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ 3,900 रुपये के स्तर पर लुढ़कने की संभावना है। जयपुर बाजार में सरसों की कीमतें 20 रुपये की गिरावट के साथ 4,020-4,025 रुपये प्रति 100 किलो ग्राम हो गयी हैं जबकि सरसों तेल की कीमतें 4 रुपये की गिरावट के साथ 783-785 रुपये प्रति 10 किलो ग्राम हो गयी हैं। अधिक कीमतों पर देश भर के हाजिर बाजारों में सरसों की माँग कम हुई है। (शेयर मंथन, 30 मई 2018)

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