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सोयाबीन में हो सकती है बिकवाली, सोया तेल में तेजी का रुझान - एसएमसी

बंपर उत्पादन अनुमान के कारण सोयाबीन वायदा (अक्टूबर) में उच्च स्तर पर बिकवाली का दबाव रह सकता है।
इसकी कीमतें 3,240 रुपये के सहारा स्तर से नीचे टूट कर 3,200-3,180 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती हैं। अमेरिकी कृषि विभाग के अनुसार बाजार वर्ष 2018-19 (अक्टूबर-सितम्बर) में भारत में सोयाबीन का उत्पादन 11.5 मिलियन टन होने का अनुमान है। अभी तक मौसम की स्थितियों और फसल कटाई तक अनुकूल मौसम के अनुमान को देखते हुए सोयाबीन की उत्पादकता के पांच वर्षो के औसत से थोड़ा अधिक रहने की संभावना है।
सरसों वायदा (अक्टूबर) की कीमतों में तेजी का रुझान रहने की संभावना है और कीमतों 4,160 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है। सरसों और सरसों तेल की औसत माँग के कारण कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। यद्यपि मौजूदा त्योहारी सीजन के दौरान माँग में बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन मौजूदा अधिक कीमतों पर खरीदारों के बीच कोई उत्साह नहीं है।
सीपीओ (अक्टूबर) वायदा में 589 रुपये के नजदीक निचले स्तर पर खरीदारी हो सकती है क्योंकि मलेशियन पॉम ऑयल की कीमतों के 2,150 रुपये के नजदीक सहारा मिलने और रुपये के कमजोर होने के कारण कीमतों को मदद मिल सकती है।
सोया तेल (अक्टूबर) वायदा की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 743-750 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। भारतीय राजस्व निदेशालय द्वारा बांग्लादेश से खाद्य तेलों के आयात को सीमित किये जाने के कारण कीमतों को मदद मिल सकती है। सीबोट में सोया तेल की कीमतें रिकवरी की स्थिति में है और दो हफ्ते के उच्च स्तर के नजदीक 29.42 सेंट पर कारोबार कर रही हैं। (शेयर मंथन, 01 अक्टूबर 2018)

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