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चने में नरमी का रुझान, ग्वारसीड में सुस्ती के संकेत - एसएमसी

कॉटन वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 22,420-22,550 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
कपास की कीमतों में गिरावट की संभावना से मिलों द्वारा सीमित खरीदारी किये जाने के कारण मध्य और दक्षिण भारत में कीमतों में मिला-जुला रुझान है। कपास की कीमतों के अधिक होने के कारण धागा मिलों की ओर से थोक खरीदारी नही की जा रही है। निकट भविष्य में कपास की माँग के औसत रहने की संभावना है और मिलें किसी बड़ी खरीदारी से दूरी बनाये हुए हैं।
ग्वारसीड वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 4,690-4,800 रुपये के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है। अधिक आवक के बीच कारोबारियों, स्टॉकिस्टों और पेराई मिलों की ओर से कम खरीदारी के कारण ग्वारसीड और ग्वारगम की हाजिर कीमतों में गिरावट हुई है। पिछले कुछ दिनों से कारोबारियों, स्टॉकिस्टों और पेराई मिलों की ओर से अधिक खरीदारी के कारण कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई थी।
चना वायदा (दिसंबर) की कीमतों में 4,625 रुपये से नीचे नरमी का रुझान रहने की संभावना है। अधिक कीमतों पर चना दाल और बेसन की कम माँग के कारण मिलों की ओर से खरीदारी कम किये जाने के कारण देश के प्रमुख बाजारों में कपास की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। नाफेड द्वारा खरीदे गये स्टॉक की बाजार में बिक्री से कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। अधिक कीमतों पर सुस्त माँग और अधिक आयात के कारण इंदौर बाजार में काबुली चना की कीमतों में गिरावट हुई है। (शेयर मंथन, 16 नवंबर 2018)

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