सरसों को पाम तेल से मिलेगी कड़ी टक्कर - एसएमसी

सामान्य से कम मॉनसून के कारण प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों की मिट्टी में पर्याप्त नमी के अभाव की वजह से फसल वर्ष 2017-18 के दौरान उत्पादन में कमी से सरसों वायदा की कीमतों में 3,727 के निचले स्तर से 4,262 रुपये तक की 14% की अच्छी-खासी बढ़त दर्ज की गयी।

बेहतर आय से आकर्षित होकर किसानों ने सरसों के स्थान पर चना और गेहूँ की खेती की। कम उत्पादन अनुमान के बाद 2018-19 के लिए नाफेड द्वारा राजस्थान में 5 लाख टन सरसों की खरीदारी की खबरों से वर्ष की शुरुआत सरसों वायदा कीमतों में तेजी के साथ हुई और कीमतों को 3,795 रुपये के स्तर पर सहारा मिला। फिर भी मार्च के अंत तक अधिक उत्पादन अनुमान और कम पेराई के कारण सरसों में गिरावट होने लगी।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 4,000 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे गिरावट होने पर हाफेड ने एमएसपी पर औसतन अच्छी क्वालिटी के 2,37,250 टन सरसों खरीदारी करने का फैसला किया। केंद्र सरकार ने भी राजस्थान में 8 लाख टन सरसों की खरीदारी अनुमति दे दी।
2018-19 (जुलाई-जून) सीजन में खेती की शानदार शुरूआत रही है। कृषि मंत्रालय के नवीनतम आँकड़ों के अनुसार 2018-19 रबी सीजन में अधिक एमएसपी के कारण अभी तक सरसों की कुल बुआई 2017-18 के 59.36 लाख हेक्टेयर की तुलना में 59.55 लाख हेक्टेयर में हुई है। केन्द्र सरकार ने सरसों का एमएसपी पिछले वर्ष के 4,000 रुपये प्रति/क्विंटल से बढ़ा कर 2018-19 में 4,200 रुपये/क्विंटल कर दिया है। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार 2018-19 (जुलाई-जून) सीजन में देश में सरसों का उत्पादन पिछले वर्ष के 83.2 लाख टन के मुकाबले 84.9 लाख टन होने का अनुमान है।
सरसों को पाम तेल से कड़ी टक्कर का भी सामना करना पड़ेगा। पाम ऑयल का भंडार कम से कम 18 वर्षो में सबसे अधिक 30 लाख टन हो गया है और यदि आयात अधिक होता है तो सरसों तेल की मांग कम हो सकती है। इसके साथ ही नाफेड द्वारा बाजार में सरसों की लगातार बिकवाली, किसानों, स्टॉकिस्टों और प्रोसेसरों के पास 11 लाख टन के अधिक स्टॉक से भी सरसों की कीमतों की तेजी पर रोक लगने की संभावना है। जानकारी के लिए नाफेड ने रबी सीजन 2017-18 में मूल्य स्थिरीकरण योजना के तहत 3,851 रुपये और 3,920 रुपये/क्विंटल के दायरे में हरियाणा और पंजाब के विभिन्न केन्द्रों से 8.78 लाख टन सरसों की खरीदारी की है। वर्ष के अंत तक नाफेड ने लगभग 4.11 लाख टन सरसों की बिक्री की है और 4.67 लाख टन स्टॉक अभी शेष बचा हुआ है।
2019 में सरसों की कीमतें एनसीडीईएक्स में 3,600-4,650 रुपये के दायरे में रह सकती हैं। (शेयर मंथन, 11 जनवरी 2019)

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