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कॉटन में तेजी का रुझान, मेंथा ऑयल में भी बढ़त की उम्मीद - एसएमसी

कॉटन वायदा (मार्च) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 20,730-21,100 रुपये के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
भारतीय कपास निगम के अनुसार कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात और तेलंगाना में बारिश कम होने से इस वर्ष देश में कपास का उत्पादन 10 वर्षों में सबसे कम 328 लाख बेल होने का अनुमान है। कारोबारी संस्था ने कपास के उत्पादन अनुमान में फिर से 2 लाख बेल की कटौती की है। पहले अग्रिम अनुमान में 348 लाख बेल कपास उत्पादन का अनुमान लगाया गया था। निर्यात के स्तर पर ऐसी खबर है कि भारतीय कारोबारियों ने अगले दो महीने में चीन को 8 लाख बेल कपास निर्यात करने के लिए करार किया है, क्योंकि चीन में कपास की कीमतो में बढ़ोतरी के बाद भारत से माँग बढ़ी है।
चना वायदा (अप्रैल) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 4,150-4,190 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। महाराष्ट्र सरकार ने चना की खरीदारी के लिए केन्द्र सरकार से मंजूरी माँगी है। इसके साथ ही बाजार में ऐसी खबरें हैं कि सरकार अप्रैल से पीली मटर के आयात पर से मात्रात्मक प्रतिबंध में छूट दे सकती हैं, क्योंकि 2018-19 में दालों का उत्पादन कम होने का अनुमान है। 2018-19 में पीली मटर के आयात की मात्रा 1,00,000 टन तय की गयी है।
मेंथा ऑयल वायदा (मार्च) की कीमतों में 1,680 रुपये तक बढ़त दर्ज करने की संभावना है। मौजूदा कीमतों पर घरेलू और निर्यात माँग के कारण कीमतों में तेजी का सेंटीमेंट है। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, संभल और चंदौसी में बुआई में देरी से उत्पादकता के प्रभावित होने की आशंका है। (शेयर मंथन, 12 मार्च 2019)

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