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चने में नरमी का रुझान, ग्वारसीड और ग्वारगम के लिए बाधा - एसएमसी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी के रुझानों पर कॉटन वायदा (अप्रैल) की कीमतों को 22,010 रुपये के स्तर पर सहारा रहने की संभावना है।
आईसीई में कॉटन वायदा की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। अमेरिकी कृषि विभाग के अनुसार अमेरिकी कपास की बिक्री में बढ़ोतरी के कारण कीमतों को मदद मिली है। पिछले हफ्ते अमेरिकी कपास की बिक्री 2,38,967 बेल हुई है, जो इसके पिछले हफ्ते की तुलना में 9.84% अधिक है, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 23.4% कम है।
दालों का अधिक आयात किये जाने के कारण चना वायदा (मई) की कीमतों में नरमी का रुझान रहने की संभावना है और कीमतों में 4,320 रुपये तक गिरावट हो सकती है। सरकार द्वारा 2018-19 के दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार देश में दालों का उत्पादन पिछले वर्ष के 2.4 करोड़ टन की तुलना में 10 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 263 लाख टन होने का अनुमान है।
ग्वारसीड और ग्वारगम वायदा (मई) की कीमतों को क्रमशः 4,410 रुपये और 8,850 रुपये के स्तर पर बाधा रह सकता है। मौसम विभाग के नवीनतम अनुमान के अनुसार इस वर्ष मार्च-मई के दौरान के एल्नीनो के विकसित होने की संभावना के कमजोर पड़ने से मॉनसून के सामान्य रहने के संभावना है और मॉनसून का वितरण पूरे देश होने की संभावना है, जो वर्षा पर आधरित ग्वार की खेती के काफी अनुकूल रहने की उम्मीद है। ऑस्ट्रेलियाई मौसम विभाग के अनुसार एल्नीनो अल्पकालिक और कमजोर रह सकता है, जो भारतीय मौसम विभाग के अनुमान का ही समर्थन कर रहा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार हिंद महासागर के समुद्र तल का तापमान मॉनसून के सामान्य रहने के अनुकूल है। (शेयर मंथन, 26 अप्रैल 2019)

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