हल्दी में गिरावट, धनिया की कीमतों में नरमी बरकरार रहने की संभावना - एसएमसी

हल्दी वायदा (जून) की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद 7,830 के पास बाधा के साथ 7,680-7,650 रुपये तक गिरावट देखी जा सकती है।

बेंचमार्क बाजार निजामाबाद में, सोमवार को 7,000 बैग की तुलना में मंगलवार का 5,000 बै (1 बैग= 65 किलोग्राम) की आवक हुई है। बल्ब किस्म की कीमतें 6,600-6,900 रुपये प्रति 100 किलोग्राम, और फिंगर किस्म की कीमतें 6,800-7,000 रुपये प्रति 100 किलोग्राम के दायरे में है। आपूर्ति को देखें तो, अपने औषधीय गुणों के कारण, हल्दी अचानक किसनों द्वारा बहुत पसंद की जाने वाली फसल बन गयी है। ऐसी खबर है कि उत्तर प्रदेश में कई किसानों ने हल्दी का पक्ष लेना शुरू कर दिया है। आँकड़ों के अनुसार 300 हेक्टेयर भूमि हल्दी की खेती के लिए इस्तेमाल की जा रही थी, जो मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गाजियाबाद, हापुड़ और बिजनौर जैसे जिलों में बढ़कर लगभग 600 हेक्टेयर हो गयी है। यहाँ तक कि सरकार ने भारतीय मसालों के उपयोग को (जैसे काढ़ा) बढ़ावा दिया था और डॉक्टर भी संक्रमण को दूर रखने के लिए घरेलू उपचार बताते हैं।
जीरा सोमवार की तुलना में 100 रुपये बढ़कर 13,800-14,000 रुपये प्रति 100 किलोग्राम पर बिका। सोमवार को 20,000 बैग की तुलना में आवक 15,000 बैग (1 बैग = 55 किलोग्राम) हुई है। बाजार में कम आवक से भी कीमतों को मदद मिली। मसाले की माँग में और तेजी आने की उम्मीद है क्योंकि कुछ राज्यों में 15 जून के बाद प्रतिबंध कम होने की संभावना है।
धनिया वायदा (जून) की कीमतों में नरमी बरकरार रहने और 6,900 रुपये के स्तर रुकावट रहने की संभावना है। राजस्थान के एक प्रमुख बाजार रामगंज में, कुल आवक 5,000 बैग (1 बैग=45 किलोग्राम) है। बादामी किस्म का धनिया 7,300 रुपये प्रति 100 किलोग्राम और ईगल किस्म 7500 रुपये 100 किलोग्राम में बिक रहा है। (शेयर मंथन, 09 जून 2021)

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