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सोने की कीमतों में तेज गिरावट के बाद स्थिरता - एसएमसी

सर्राफा की कीमतों के सीमित दायरे में रहने की संभावना है।

सोने की कीमतों में तेज गिरावट के बाद आज स्थिरता है, क्योंकि कारोबारी अमेरिकी फेड रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में कटौती का इंतजार कर रहे हैं, जबकि चीन-अमेरिका के बीच व्यापार करार होने में अभी देरी की संभावना है। निवेशकों को उम्मीद है कि इस वर्ष तीसरी बार ब्याज दरों में 0.25% की कटौती की जा सकती है। फेडरल फंड वायदा के अनुसार इस माह के अंत में होने वाली फेड रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की संभावना 94% है।
एमसीएक्स में सोना की कीमतों में 38,200 रुपये पर बाधा के साथ 37,800 रुपये तक गिरावट हो सकती है। जबकि चांदी की कीमतों में 46,300 रुपये पर बाधा के साथ 45,500 रुपये तक गिरावट हो सकती है। अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि चिली में इस महीने होने वाले हस्ताक्षर के लिए अंतरिम व्यापार करार तय कार्यक्रम पर पूरा नहीं हो सकता है, लेकिन इसका यह मतलब नही है कि समझौता पूरा नही होगा। अक्टूबर महीने में अमेरिकी कंज्यूमर कॉन्फिडेंस लगातार तीसरे महीने कम हुआ है, जिससे छोटी अवधि में कारोबार की स्थिति और रोजगार की संभावना को लेकर चिंता बढ़ी है।
इस बीच ब्रिटिश प्रधनमंत्री बोरिस जॉनसन को संसद से अनुमति मिलने के बाद लगभग एक शताब्दी में पहली बार दिसंबर में चुनाव होगा। विश्व में सोने के सबसे बड़े ईटीएफ एसपीडीआर गोल्ड ट्रस्ट की होल्डिंग 0.13% कम होकर 917.31 टन रह गयी है। (शेयर मंथन, 30 अक्टूबर 2019)

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