शेयर मंथन में खोजें

सर्राफा में तेजी की संभावना - एसएमसी

सर्राफा की कीमतों में तेजी के रुझान रहने की संभावना है। सोने की कीमतों में 51,100 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 52,700 रुपये तक बढ़ोतरी हो सकती है जबकि चांदी की कीमतों में 65,300 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 68,700 रुपये तक गिरावट हो सकती है।

कमजोर डॉलर के कारण पिछले कारोबार में 1% की बढ़ोतरी के बाद आज सोने की कीमतों में स्थिरता है जबकि निवेशक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के आज जैक्सन होल में अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर भाषण का इंतजार कर रहे है। सोने की हाजिर कीमते 1,952.11 डॉलर प्रति औसतन पर स्थिर रही जबकि अमेरिकी सोना वायदा 0.3% बढ़कर 1,959 डॉलर पर बंद हुआ।
डॉलर इंडेक्स अपने प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले 0.2% गिरकर एक सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया, जिससे अन्य मुद्राओं के धरकों के लिए सोना सस्ता हो गया। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल आज जैक्सन होल में अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर भाषण देने वाले है। जापान सरकार के शीर्ष प्रवक्ता ने कहा कि जापान आपातकाल को समाप्त करना चाहता है और अर्थव्यवस्था की रिकवरी करने के लिए और अधिक प्रोत्साहन पर विचार करने की आवश्यकता है। सीएनबीसी ने बुधवार को बताया कि अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन एक कोरोना वायरस प्रोत्साहन बिल पर काम कर रहे हैं, जिसे इस सप्ताह के अंत तक रैंक-एंड-फाइल सांसदों को भेजा जा सकता है। विश्व में सोने के सबसे बड़े ईटीएफ एसपीडीआर गोल्ड ट्रस्ट की होल्डिंग बुधवार को 0.3% बढ़कर 1,252.09 टन हो गयी। (शेयर मंथन, 27 अगस्त 2020)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख