शेयर मंथन में खोजें

सर्राफा बाजार में तेजी का रुझान - एसएमसी

सर्राफा की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है। सोने की कीमतों को 47,600 रुपये पर सहारा और 48,200 रुपये पर रुकावट रह सकता है।

चांदी की कीमतों में भी तेजी रहने की संभावना है और कीमतों को 62,650 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 61,500 रुपये पर सहारा रह सकता है। 10-वर्षीय यू.एस. ट्रेजरी यील्ड में गिरावट, जिससे ब्याज रहित सोना रखने की अवसर लागत कम हो जाती है, के कारण कम वॉल्यूम के साथ सोने की कीमतों में आज बढ़त देखी जा रही हैं लेकिन कीमतें पिछले 6 वर्षो में सबसे अधिक गिरावट की ओर अग्रसर है। 2015 के बाद से सोने की कीमतों में इस वर्ष अब तक 4% से अधिक की गिरावट हुई है क्योंकि अर्थव्यवस्थायें महामारी के प्रभाव से उबर गयी हैं, जिससे सुरक्षित-निवेश के लिए सोने की माँग कम हो गयी है। बेंचमार्क 10-वर्षीय यू.एस. ट्रेजरी की यील्ड कल एक महीने के उच्च स्तर से कम हो गयी और कई कारोबार नये साल की छुट्टी से पहले बाजार से बाहर हो गये।

डॉलर इंडेक्स एक महीने के निचले स्तर से दूर चला गया क्योंकि निवेशकों ने ओमाइक्रोन कोविड-19 वैरिएंट मामलों में उछाल को नजरन्दाज किया और जोखिम वाली मुद्राओं का समर्थन किया। वॉल स्ट्रीट कल निचले स्तर पर बंद हुआ, अमेरिकी बेरोजगारी लाभ के साप्ताहिक दावों में गिरावट सहित मजबूत अमेरिकी डेटा आँकड़ों के कारण रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँचे वॉल स्ट्रीट में कल गिरावट हुई है। बेरोजगार दावों में गिरावट तब भी आयी जब संयुक्त राज्य अमेरिका में कोविड-19 संक्रमण दूसरे दिन रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुँच गया। चांदी की कीमतें भी लगभग 12% की गिरावट के साथ 2014 के बाद से अपने सबसे खराब गिरावट की ओर अग्रसर है। (शेयर मंथन, 31 दिसंबर 2021)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख