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भारत-अमेरिका के बीच कारोबारी समझ बाजार के लिए होगी अच्छी : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक निफ्टी में गैप-डाउन शुरुआत हुई, मगर निम्न स्तरों पर खरीदारी का रुझान आने से नुकसान की भरपाई करने में सफल रहा। ये 8 सत्रों की लगातार गिरावट के बाद 30 अंक जोड़ कर 22960 (0.1%) की उछाल के साथ बंद हुआ।  

निफ्टी मिडकैप 100 0.4% तेजी रही और स्मॉलकैप 100 में मामूली बढ़त के साथ व्यापक बाजार सूचकांक भी हरे निशान में बंद हुए। क्षेत्रीय सूचकांकों में फार्मा और हेल्थकेयर सर्वाधिक बढ़े और इनमें 1% से ज्यादा की उछाल आयी। 

इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, धातु, ऑयल ऐंड गैस और पीएसयू बैंक क्षेत्र में भी निवेशकों का रुझान देखने को मिला। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निरंतर बिकवाली, अमेरिका में व्यापार शुल्क की चिंताओं और कमजोर तिमाही कमाई के बीच बाजार का माहौल सतर्क बना हुआ है।  

तीसरी तिमाही के कमाई के मौसम में सुधार से ज्यादा नुकसान के अधिक आँकड़े देखने को मिले हैं। खपत में कमजोरी के साथ कमोडिटी में अवरोध के कारण कमाई पर दबाव बढ़ने के बावजूद बीएफएसआई, हेल्थकेयरी, कैपिटल गुड्स और तकनीकी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। 

बाजार में मौजूद अस्थिरता का मुख्य कारण अमेरिकी के कारोबारी साझेदारों पर पारस्परिक शुल्क लगाने की घोषणा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंंप के साथ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 13 फरवरी 2025 को हुई बहुप्रतीक्षित बैठक के साथ दोनों के साथ नये व्यापार समझौते होने का अनुमान है। 

इन समझौतों/व्यवस्थाओं पर स्पष्टता समय के साथ सामने आ सकती है, जो घरेलू बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण कारक होगा।

 

(शेयर मंथन, 17 फरवरी 2025) 

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