शेयर मंथन में खोजें

व्यापक बाजार में खरीदारी लौटने से बाजार को मिल सकता है समर्थन : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक निफ्टी लगातार 10वें कारोबारी सत्र में लाल निशान में रहा, 37 अंकों के नुकसान के साथ 22,083 के स्तर पर बंद हो गया। 

बाजार कमजोर वैश्विक धारणा से प्रभावित रहा क्योंकि अमेरिका ने कनाडा और मेक्सिको से आयात पर आधिकारिक तौर पर 25% शुल्क लगा दिया, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा 10% के अतिरिक्त शुल्क की घोषणा के बाद चीन पर 20% संचयी शुल्क लग रहा है। 

व्यापक बाजार में रिकवरी देखने को मिली, निफ्टी मिडकैप 100 में 0.1% और स्मॉलकैप 100 में 0.7% की बढ़त आयी क्योंकि निचले स्तरों पर उचित मूल्य पर खरीदारी देखने को मिली। क्षेत्रों में ऑयल ऐंड गैस और पीएसयू बैंक बढ़े, जबकि ऑटो और आईटी सूचकांका में बिकवाली के दबाव के बीच गिरावट रही। 

सोमवार को तेल उत्पादक देशों के समूह ओपक ने अप्रैल में उत्पादन पूर्व नियोजित बढ़ोतरी करने की योजना पर आगे बढ़ने की घाेषणा के बाद तेल विपणन कंपनियों के शेयरों में गति आयी, क्योंकि क्रूड ऑयल के दाम गिर कर तीन महीने के निम्न स्तर तक टूट गये थे।   

यूरोपीय रक्षा स्टॉक में तेजी को प्रतिबिंबित करते हुए रक्षा क्षेत्र के स्टॉक तेजी से चढ़े। कमजोर वैश्विक संकेतों और घरेलू कारकों के अभाव में भारतीय शेयर बाजार के काफी हद तक नरम बने रहने का अनुमान है। हालाँकि व्यापक बाजार में खरीदारी के निरंतर रुझान से बाजार को कुछ समर्थन मिल सकता है। 

(शेयर मंथन, 04 मार्च 2025) 

(आप भी किसी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख