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सर्वोच्च न्यायालय से नहीं मिली डीएलएफ (DLF) को राहत

भारत की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ (DLF) को सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) से राहत नहीं मिली है।

उच्चतम न्यायालय ने कंपनी पर केरल उच्च न्यायालय द्वारा लगाये गये 1 करोड़ रुपये के जुर्माने को बरकरार रखा है। डीएलएफ पर यह जुर्माना केरल के कोच्चि के नजदीक पर्यावरण के प्रति संवेदनशील चिलावन्नूर बैकवाटर के किनारे 180 लग्जरी फ्लैट बनाने के कारण लगा है। हालाँकि न्यायधीश आरएफ नरीमन और एकसे कौल की बेंच ने कंपनी द्वारा बनाये गये फ्लैटों की कानूनी वैधता के संबंध में उच्च न्यायालय के निर्णय को खारिज कर दिया।
बीएसई में डीएलएफ का शेयर 269.20 रुपये के पिछले बंद भाव के मुकाबले आज हल्की बढ़त के साथ 271.00 रुपये पर खुला और 273.95 रुपये के 52 हफ्तों के उच्च स्तर तक पहुँचा। इसके बाद करीब 12.25 बजे कंपनी के शेयरों में 3.40 रुपये या 1.26% की मजबूती के साथ 272.60 रुपये के भाव पर सौदे हो रहे हैं। (शेयर मंथन, 11 जनवरी 2018)

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