शेयर मंथन में खोजें

बेस मेटल की कीमतों के तेजी का रुझान - एसएमसी

बेस मेटल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में रहने की संभावना है।

तांबे (अक्टूबर) की कीमतों के 440 रुपये पर सहारे के साथ 444 रुपये के स्तर पर पहुँचने की संभावना है। आज तांबे की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, लेकिन चीन की ओर से कमजोर माँग की आशंका से कीमतों में लगातार दूसरे हफ्ते गिरावट हुई है। चीन और अमेरिका के बीच विवाद के साथ वैश्विक धीमेपन की आशंका से औद्योगिक धतुओं की कीमतों में गिरावट हो रही है। चीन के प्रमुख राजदूत ने कहा है कि चीन अधिक से अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदना चाहता है और दोनों पक्ष विवाद को समाप्त करने के लिए यदि उत्साहजनक कदम उठाते हैं तो व्यापार वार्ता के अच्छे परिणाम हो सकते हैं। दोनों ही पक्ष अक्टूबर में वाशिंग्टन में अगले चरण की व्यापार वार्ता के लिए तैयारी कर रहे हैं।
जिंक (अक्टूबर) की कीमतों के 180 रुपये के स्तर पर सहारे के साथ 186 रुपये के स्तर पर बाधा रहने की संभावना है। लेड (अक्टूबर) की कीमतों के सीमित दायरे में रहने की संभावना है और कीमतों के 152 रुपये के स्तर पर समर्थन के साथ 156 रुपये के स्तर पर रुकावट रहने की संभावना है। निकल (अक्टूबर) की कीमतों के 1,210 रुपये के स्तर पर सहारे के साथ 1,250 रुपये के स्तर पर बाधा रहने की संभावना है। वहीं एल्युमीनियम की कीमतों के 139 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 135 रुपये के स्तर पर पहुँचने की संभावना है। (शेयर मंथन, 27 सितंबर 2019)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख