कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रुझान - एसएमसी

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रह सकती है। कीमतों को 5,870 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 5,780 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।

ओपेक और संबंध प्रमुख तेल उत्पादकों द्वारा आपूर्ति को लेकर संयम बनाये रखने के फैसले के कारण पिछले सत्र में कई वर्षों में अपने उच्चतम स्तर पर पहुँचने के बाद आज तेल की कीमतों में गिरावट हुई है। पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) और रूस सहित उसके सहयोगियों, जिसे सामूहिक रूप से ओपेक प्लस के रूप में जाना जाता है, ने सोमवार को कहा कि ओपेक समूह धीरे-धीरे तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए समझौते को बनाये रखेगा और अगर अर्थव्यवस्था थोड़ा-थोड़ा करके कोरोना वायरस महामारी से रिकवर भी होती है तो भी संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत से उत्पादन को बढ़ावा देने की अपील की अनदेखी करेगा। इस वर्ष तेल की कीमतें पहले ही 50% से अधिक बढ़ चुकी हैं, जिससे मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी हुई है जो कच्चे तेल की खपत वाले देशों की महामारी से हो रही रिकवरी को पटरी से उतार देगा।
वैश्विक स्तर पर नेचुरल गैस की कीमतें बढ़ने के साथ, बिजली उत्पादक गैस के बजाय ईंधन तेल या डीजल की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे तेल की कीमतें अधिक हो गयी हैं। पाकिस्तान, बांग्लादेश और मध्य पूर्व में जनरेटर ने पहले ही ईंधन बदलना शुरू कर दिया है। नेचुरल गैस की कीमतों में तेजी का रुझान रहने की संभावना है और कीमतों को 427 रुपये के स्तर पर सहारा और 445 रुपये के स्तर पर अड़चन रह सकता है। पूर्व में गर्म मौसम और पश्चिमी तट पर ठंडे मौसम के साथ मिला-जुला रहने की उम्मीद है। अटलांटिक में तूफान सैम और टॉपिकल पोस्ट-डिप्रेशन घूमता रहा है। (शेयर मंथन, 05 अक्टूबर 2021)

 

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन : डाउनलोड करें

निवेश मंथन : ग्राहक बनें

शेयर मंथन पर तलाश करें।

Subscribe to Share Manthan

It's so easy to subscribe our daily FREE Hindi e-Magazine on stock market "Share Manthan"