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धनिया, जीरा में बाधा, हल्दी की कीमतों में गिरावट की संभावना - एसएमसी

हाजिर बाजारों में नरमी के रुझान के कारण हल्दी वायदा (अक्टूबर) की कीमतों में 5,750-5,700 रुपये तक गिरावट हो सकती हैं।

कॉटन में सुस्ती, चने में गिरावट की संभावना - एसएमसी साप्ताहिक रिपोर्ट

कॉटन वायदा (अक्टूबर) बहुत अधिक खरीदारी वाले दायरे में है और यदि कीमतें 18,070 रुपये के स्तर के पास अड़चन स्तर को पार नहीं कर पाती है तो हम 17,800-17,700 रुपये की ओर कुछ सुधर रुपये तक गिरावट देख सकते हैं।

धनिया, जीरा में बाधा, हल्दी की कीमतों में गिरावट की संभावना - एसएमसी साप्ताहिक रिपोर्ट

हल्दी वायदा (अक्टूबर) की कीमतें पिछले तीन सप्ताह से गिरावट के साथ कारोबार कर रही है, जिससे पता चलता है कि माँग पक्ष कमजोर है जिस के कारण आने वाले दिनों में कीमतों में 5,700 रुपये तक गिरावट हो सकती हैं जबकि कीमतों को 5,960 रुपये के पास बाधा का सामना करना पड़ सकता है।

सोया तेल और सोयामील में तेजी, सरसों की कीमतों में बाधा - एसएमसी साप्ताहिक रिपोर्ट

सोयामील के कमजोर निर्यात आँकड़ों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार से तेजी के संकेतों पर सोयाबीन वायदा (अक्टूबर) की कीमतें तेजी के रुझान के साथ 3,900-4,100 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है।

ग्वारसीड में मंदी, कॉटन की कीमतों में गिरावट के संकेत - एसएमसी

कॉटन वायदा (अक्टूबर) बहुत अधिक खरीदारी वाले दायरे में है और यदि कीमतें 18,000 रुपये के स्तर के पास बाधा स्तर को पार नहीं कर पाती है तो हम 17,800-17,700 रुपये की ओर कुछ सुधर रुपये तक गिरावट देख सकते हैं।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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