शेयर मंथन में खोजें

125 से फिसला ओला इलेक्ट्रिक का शेयर, क्या गिरावट अभी बाकी है?

एक निवेशक जानना चाहते हैं कि उन्हें ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि 125 रुपये के भाव पर खरीदे गए ओला इलेक्ट्रिक में एवरेजिंग को लेकर निवेशकों के मन में स्वाभाविक रूप से लालच आ सकता है, खासकर तब जब शेयर अपने खरीद स्तर से काफी नीचे आ चुका हो। लेकिन केवल इस आधार पर औसत कम करना कि भाव बहुत गिर चुका है, एक जोखिम भरा निर्णय हो सकता है। किसी भी शेयर में एवरेजिंग से पहले कंपनी की बुनियादी स्थिति, प्रबंधन की विश्वसनीयता और कारोबार की गुणवत्ता को समझना जरूरी है। यदि कंपनी का मार्केट शेयर घट रहा हो, उत्पाद की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हों और प्रबंधन पर केवल कहानी गढ़कर बाजार में माहौल बनाने के आरोप लगते रहे हों, तो ऐसे में गिरावट को अवसर मानना सावधानी मांगता है।

बाजार अंततः कहानी नहीं बल्कि आंकड़ों पर चलता है। यदि कंपनी के नतीजे और ग्रोथ उसके दावों का समर्थन नहीं करते, तो शेयर में लंबी गिरावट जारी रह सकती है। तकनीकी रूप से भी जब तक कोई ठोस रिवर्सल संकेत न मिले, तब तक इसे मजबूत निवेश उम्मीदवार नहीं माना जा सकता। मौजूदा स्तरों पर कुछ शॉर्ट कवरिंग संभव हो सकती है, लेकिन इससे दीर्घकालिक ट्रेंड बदलने की गारंटी नहीं मिलती। 125 रुपये से गिरकर बहुत नीचे आ जाना अपने आप में यह प्रमाण नहीं है कि अब और गिरावट नहीं होगी। प्रतिशत के हिसाब से आगे की गिरावट भी उतनी ही तीखी हो सकती है।

ऐसे में निवेशक को भावनाओं के बजाय तथ्यों पर निर्णय लेना चाहिए। धैर्य रखने का अर्थ यह नहीं कि हर गिरावट पर औसत कम किया जाए। जब तक कंपनी के मूलभूत पक्ष और तकनीकी संकेत स्पष्ट सुधार नहीं दिखाते, तब तक सतर्क रहना ही बेहतर रणनीति मानी जाएगी।


(शेयर मंथन, 26 फरवरी 2026)

(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख