निचले स्तर पर खरीदारी के कारण सोयाबीन वायदा (नवंबर) की कीमतों में कल 0.5% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
खाद्य तेलों की कीमतो में गिरावट के कारण सोयाबीन वायदा (दिसम्बर) की कीमतों में भी नरमी का रुझान रहा।
सोयाबीन की बेहतर माँग के कारण सोयाबीन वायदा (दिसंबर) की कीमतें शुक्रवार को कम दायरे में रही है।
सोयाबीन वायदा (फरवरी) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 3,240-3,270 के स्तर पर पहुँचने की संभावना हैं।
सोयाबीन वायदा (फरवरी) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 3,640-3,760 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (जनवरी) की कीमतें दो हफ्ते के निचले स्तर पर कारोबार कर रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान पर सोयाबीन वायदा (फरवरी) की कीमतें तेजी के रुझान के साथ 4,780-4,880 रुपये के दायरे में सीमित कारोबार कर सकती है।
राष्ट्रीय एक्सचेंजों पर सोयाबीन वायदा की कीमतों में तेजी का रुझान है क्योंकि वैश्विक स्तर पर अधिक कीमतें भारतीय निर्यातकों को अवसर प्रदान कर रही हैं।
सोयाबीन वायदा (नवंबर) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 3,730-3,785 रुपये के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (नवंबर) की कीमतों के 3,810 रुपये पर सहारे के साथ 3,950 रुपये के स्तर पर पहुँच जाने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (अगस्त) की कीमतों को 3,740 रुपये के स्तर पर सहारा रहने की संभावना है जबकि कीमतों की बढ़त पर 3,795 रुपये के नजदीक रोक लग सकती है।
सोयाबीन वायदा (नवंबर) की कीमतों के 3,965 रुपये पर सहारे के साथ 4,065-4,085 रुपये के स्तर पर पहुँच जाने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (सितम्बर) की कीमतों में 3,770 रुपये के सहारा के साथ 3,860-3,880 रुपये तक बढ़त दर्ज किये जाने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (मार्च) की कीमतों के 3,725 रुपये के स्तर पर बाधा रहने की संभावना है और बढ़त पर रोक लगी रह सकती है।
पिछले दो हफ्र्ते से सोयाबीन वायदा (मई) की कीमतों में गिरावट हो रही है और जवाबी खरीद को 3,740 रुपये के स्तर पर रुकावट का सामना करना पड़ सकता है।
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भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।