सोयाबीन वायदा (दिसंबर) की कीमतें कल मामूली गिरावट के साथ बंद हुई है। मुनाफा वसूली के कारण सीबोट में भी सोयाबीन की कीमतों में गिरावट हुई है। राजस्थान सरकार द्वारा लगाई गयी स्टॉक सीमा से कीमतों की बढ़त सीमित हो रही है।
बेहतर आवक के कारण सोयाबीन वायदा (जनवरी) की कीमतें शुक्रवार को 1.5% की गिरावट के साथ बंद हुई।
विदेशी बाजारों में कमजोर रुझानों के कारण सोयाबीन वायदा (दिसंबर) की कीमतों में कल 2.6% की गिरावट हुई है।
सोयाबीन वायदा (नवंबर) की कीमतों में कल गिरावट हुई। हमें उम्मीद है कि कीमतें मौजूदा स्तरों के पास ही रहेंगी क्योंकि नये सीजन में सोयाबीन की आवक बाजार में हो रही है।
सोयाबीन वायदा (दिसंबर) की कीमतों में कल सपाट बंद हुई है। अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और मुनाफा वसूली के कारण अमेरिकी सोयाबीन की कीमतें लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुई।
सेबी द्वारा एनसीडीईएक्स को इंट्राडे में नये पोजिशन की अनुमति नहीं देने और कमोडिटीज के नये कॉन्टैंक्ट शुरू करने पर एक साल के लिए रोक के कारण सोयाबीन वायदा (जनवरी) की कीमतें कल 4% की गिरावट के साथ बंद हुई।
सोयाबीन वायदा (जून) में 3,750 रुपये के स्तर के नजदीक खरीदारी जारी रह सकती है।
सोयाबीन वायदा (जनवरी) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 3,055-3,090 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं।
सोयाबीन वायदा (दिसंबर) की कीमतें 3,100-3,200 रुपये तक बढ़त दर्ज कर सकती हैं।
सोयाबीन वायदा (अप्रैल) की कीमतें तेजी के रुझान के साथ 3,690 रुपये से ऊपर ही कारोबार कर सकती हैं।
सोयाबीन वायदा (फरवरी) की कीमतों में 3,750 रुपये के नजदीक सहारा के साथ तेजी का रुझान रह सकता है।
महाराष्ट्र में फसल नुकसान होने की खबरों के कारण सोयाबीन वायदा (सितंबर) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 3,820-3,850 रुपये के स्तर पर पहुँचने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (दिसंबर) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 3,385-3,450 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (दिसंबर) कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 3,385-3,450 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
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हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।