हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों के लिए 8,100 रुपये के स्तर पर बाधा हैं।
अधिक उत्पादन अनुमान और नयी फसल के आवक दबाव के कारण हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों को 6,420 रुपये के स्तर पर बाधा रहने की संभावना है।
हल्दी वायदा (अक्टूबर) की कीमतों को 6,200 रुपये के स्तर पर बाधा रहने की संभावना है।
हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों को 6,850-6,900 रुपये के स्तर पर रुकावट रह सकती है।
हल्दी वायदा (सितंबर) की कीमतों को 6,700 रुपये के स्तर पर सहारा रहने की संभावना है।
हल्दी वायदा (अक्टूबर) की कीमतें कल 2.5% से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुई है। अब कीमतों के नरमी के रुझान के साथ 6,800-7,300 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
भारी बिकवाली के कारण हल्दी वायदा (अक्टूबर) की कीमतों में कल 5% की गिरावट दर्ज की गयी है। अब कीमतों के 7,000-7,700 रुपये के दायरे में सीमित करने की संभावना हैं।
जीरे में बढ़त, हल्दी वायदा (अक्टूबर) की कीमतें 1.2% की गिरावट के साथ बंद हुई।
शॉर्ट कवरिंग और हाजिर बाजारों में माँग के कारण हल्दी वायदा (अक्टूबर) की कीमतें कल बढ़त के साथ बंद हुई। अब कीमतों के 7,075-7,400 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (अक्टूबर) की कीमतें 0.5% की गिरावट के साथ बंद हुई। अब यदि कीमतें 7,270 रुपये के बाधा और 7,130 रुपये पर सहारा के साथ 7,100-7,400 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है।
हल्दी वायदा (अक्टूबर) की कीमतों में पिछले हफ्ते 7% से अधिक की गिरावट दर्ज की गयी है। अब कीमतों के 7,150-7,550 रुपये के दायरे में सीमित कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (नवम्बर) की कीमतें 0.4% की गिरावट के साथ बंद हुई। अब यदि कीमतें 7,310 रुपये के बाधा और 7,200-7,430 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है।
हल्दी वायदा (दिसम्बर) की कीमतों में लगातार दूसरे सप्ताह बढ़ोतरी हुई है और अब 7,300 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 7,300-8,000 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (नवम्बर) की कीमतें कल एक दायरे में कारोबार करने के बाद सपाट बंद हुई। अब कीमतें 7,325 रुपये के सहारा के साथ 7,500 रुपये के स्तर तक बढ़त दर्ज कर सकती है।
हल्दी वायदा (अक्टूबर) की कीमतें कल मामूली बढ़त के साथ बंद हुई। अब कीमतें 7,270 रुपये के सहारा के साथ 7,390 रुपये के रुकावट स्तर को पार करती है तो 7,500 रुपये तक बढ़त दर्ज करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (अक्टूबर) का कारोबार कल काफी कम दायरे में हुआ है और कीमतें 0.4% की गिरावट के साथ बंद हुई।
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हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग ने बीते 5 वर्षों में अद्भुत वृद्धि दिखायी है। इसके साथ ही, इस तेजी से फैलते उद्योग का हिस्सा बनने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नये म्यूचुअल फंड घराने मैदान में कूद चुके हैं।