चना वायदा (मार्च) में जवाबी खरीद को 3,765 के स्तर पर बाधा का सामना करना पड़ सकता है।
कपास वायदा (अप्रैल) की कीमतें 960-985 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती हैं।
कपास उद्योग की ओर से लगातार माँग के कारण कपास वायदा (अप्रैल) की कीमतों के 920-935 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
कपास वायदा (अप्रैल) की कीमतों में 925 रुपये के स्तर पर सपोर्ट के साथ तेजी का रुझान रहने की संभावना है।
कपास वायदा (अप्रैल) की कीमतों के तेजी रुझान के साथ 955-960 के स्तर पर पहँचने की संभावना है।
कपास वायदा (दिसंबर) की कीमतों में तेजी जारी रह सकती है और कीमतें 980 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती हैं।
विदेशी बाजारों में कपास की कीमतों में तेजी के कारण कॉटन वायदा (अक्टूबर) की कीमतें कल 0.7% बढ़ गयी है।
कपास वायदा अप्रैल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ 985-1,005 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
कपास वायदा (जुलाई) की कीमतों में नरमी रह सकती है और कीमतों में 21,200 रुपये तक गिरावट हो सकती है।
कपास वायदा (जुलाई) की कीमतें नरमी के रुझान के साथ 21,000-21,350 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती हैं।
कॉटन (मार्च) कॉन्टैंक्ट की कीमतों के 21,190-21,350 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
कपास वायदा (अप्रैल) की कीमतों के 988-1,010 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
कपास वायदा (जुलाई) की कीमतों में 21,000-21,350 रुपये तक गिरावट हो सकती है।
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मार्च के शुरुआती 3 सप्ताहों में भारतीय शेयर बाजार 8% से ज्यादा टूट चुका है। और यह गिरावट एक ऐसे युद्ध के चलते आयी है, जिसमें हमारा कोई लेना-देना नहीं है।
अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।