कच्चे तेल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 4,560 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 4,480 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
ओपेक और उसके सहयोगियों द्वारा अप्रैल में आपूर्ति बढ़ाने के लिए तैयार नहीं होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी है क्योंकि उन्होंने कोरोना वायरस महामारी के कारण माँग में अधिक सुधार का इंतजार करना पसंद किया।
कच्चे तेल की कीमतों के एक बड़े दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 2,980 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 2,770 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
अमेरिकी राजकोषीय प्रोत्साहन सौदे को लेकर बढ़ती उम्मीदों और चीन और भारत में रिफाइनिंग के लिए रिकॉर्ड-तोड़ माँग के कारण कच्चे तेल की कीमतें 9 महीने के उच्च स्तर पर पहुँच गयी हैं।
कई देशों के महामारी से उबरने के बाद तेल की माँग में बढ़ोतरी को देखते हुये ओपेक द्वारा अधिक तेल उत्पादन किये जाने की संभावना से कच्चे तेल की कीमतों में मई के बाद से सबसे अधिक साप्ताहिक गिरावट हुई हैं।
कच्चे तेल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ सीमित कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 4,830 रुपये के स्तर पर अड़चन के साथ 4,740 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
कच्चे तेल की कीमतें पिछले तीन हफ्तों से एक दायरे में कारोबार कर रही है क्योंकि निवेशकों की नजर आपूर्ति और माँग के फंडामेंटल के बदलने के संकेत पर टिकी हुई है।
कच्चे तेल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 3,550 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 3,460 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रुझान रहने की संभावना हैं जहाँ निचले स्तर पर खरीदारी हो सकती है। कीमतों को 5,730 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 5,650 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
मेक्सिको की अमेरिकी खाड़ी में तूफान से पहले कर्मचारियों के रिगों के खाली करने से और सऊदी अरब एवं नॉर्वे से आपूर्ति में कटौती की संभावना से कच्चे तेल की की कीमतें 45 डॉलर की ओर अग्रसर है।
टेक्सास में भारी ठंडे तूफान से अमेरिकी कच्चे तेल का उत्पादन कुछ दिनों या यहाँ तक कि सप्ताह के लिए बाधित होने की आशंका से हुई खरीदारी के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है जबकि ओपेक प्लस को तेल आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद थी।
कमजोर होते डॉलर और शेयर बाजारों में बढ़ोतरी से कच्चे तेल की कीमतों को मिलने वाली मदद की भरपायी गैसोलीन भंडार में बड़ी वृद्धि और महामारी से पहले के स्तर की तुलना में माँग में कमी से होने के कारण कीमतें किसी स्पष्ट रुझान के लिए संघर्ष कर रही हैं।
एसएमसी कमोडिटीज ने अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में एमसीएक्स में कच्चा तेल (अप्रैल) में बिकवाली करने की सलाह दी है।
एसएमसी कमोडिटीज ने अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में कच्चे तेल के अप्रैल वायदा (एमसीएक्स) में खरीदारी करने की सलाह दी है।
एसएमसी कमोडिटीज ने अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में एमसीएक्स में कच्चा तेल (नवंबर) खरीदने की सलाह दी है।
एसएमसी कमोडिटीज ने अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में एमसीएक्स में कच्चा तेल (मई) खरीदने की सलाह दी है।
एसएमसी कमोडिटीज ने अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में कच्चे तेल के मार्च वायदा (एमसीएक्स) में बिकवाली करने की सलाह दी है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बरकरार रह सकती है। कच्चे तेल की कीमतें 3,800-3,865 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है।
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अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।
हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।