माँग में बढ़ोतरी होने की संभावना के कारण पिछले हफ्ते सोयाबीन वायदा (सितंबर) की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।
सोयाबीन की कीमतों में इंदौर में बढ़ोतरी हुई है लेकिन बढ़ती माँग के कारण कीमतों को मदद मिल रही है।
सोयामील की निर्यात माँग के कारण राष्ट्रीय एक्सचेंजों पर सोयाबीन वायदा की कीमतें इस साल बढ़त दर्ज करते हुये अब तक के उच्च स्तर पर पहुँच गयी है।
विश्व बाजार में तिलहन की कीमतों में तेजी के रुझान के कारण सोयाबीन वायदा (दिसंबर) की कीमतों में कल 6% की उछाल दर्ज की गयी।
सोयाबीन वायदा (दिसम्बर) की कीमतें कल लगातार तीसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुई क्योंकि कम आवक के बीच तेल मिलों की ओर से सोयाबीन की अधिक माँग हो रही है।
विदेशी बाजारों और हाजिर बाजारों में तेजी के रुझान के कारण सोयाबीन वायदा (जनवरी) की कीमतें कल बढ़त के साथ बंद हुई।
शॉर्ट कवरिंग के कारण सोयाबीन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों में कल बढ़ोतरी हुई है। कीमतें 6,040 के स्तर पर बाधा और 5,885 रुपये के सहारा के साथ कारोबार के साथ एक दायरे में कारोबार कर सकती है।
सोयाबीन वायदा (अगस्त) की कीमतें कल 3% की तेजी के साथ बंद हुई और 10,600 रुपये के स्तर को तोड़ने पर 10,600 रुपये के स्तर पर कारोबार करने की उम्मीद है।
नयी खरीदारी के कारण सोयाबीन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों में कल 1.7% की बढ़ोतरी हुई है। यदि कीमतें 6,390 रुपये के बाधा स्तार को पार करती है तो कीमतों के 6,500 रुपये स्तर पर पहुँचने की संभावना है।
उच्च स्तर पर भारी मुनाफा वसूली के कारण सोयाबीन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों में कल 1% की गिरावट हुई है।
हाजिर बाजारों में सोयाबीन की आवक के कारण सोयाबीन वायदा (नवंबर) की कीमतों में कल 2.66% की गिरावट हुई।
सोयाबीन वायदा (नवंबर) की कीमतों में कल 2% से अधिक की गिरावट हुई है। जमाखोरी को रोकने और कीमतों में वृद्धि को रोकने के लिए केंद्र ने तिलहन प्रति खाद्य तेलों पर स्टॉक सीमा तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है।
सोयाबीन वायदा (जनवरी) की कीमतें कल लगतार चौथे दिन गिरावट के साथ बंद हुई है रबी तिलहन फसल की बुआई जोरदार गति से चल रही है।
उच्च स्तर पर भारी मुनाफा वसूली के कारण सोयाबीन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों में कल 2% की गिरावट हुई है।
शॉर्ट कवरिंग के कारण सोयाबीन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों में कल 2.5% की उछाल दर्ज की गयी है। कीमतें 5,700 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 5,600-6,000 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है।
सोयाबीन वायदा (फरवरी) की कीमतें पिछले हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुई हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तिलहन की मजबूत माँग के कारण सोयाबीन वायदा (अप्रैल) की कीमतों के 5,300-5,350 रुपये के स्तर पर पहुँचने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 3,350-3,450 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
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अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।
हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।