हल्दी वायदा (सितंबर) की कीमतों के 6,725 रुपये के सहारा स्तर से नीचे टूटने की संभावना है और कीमतें 6,700-6,650 रुपये तक लुढ़क सकती हैं।
निचले स्तर पर खरीदारी के कारण हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतें कल लगातार तीसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुई लेकिन कीमतों को 9,700 रुपये के स्तर पर रुकावट का सामना करना पड़ रहा है।
6 वर्षो के उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली के कारण हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतें कल 1.7% से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुई और कीमतों के 10,050-10,850 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
नये सीजन की फसल की बढ़ती आवक के बीच सामान्य माँग के कारण हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतें कल 1.1% की गिरावट के साथ बंद हुई और कीमतों के 10,270-10,626 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देख गया और यह लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुई।
बिकवाली के कारण हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतें शुक्रवार को 1.8% की गिरावट के साथ बंद हुई और कीमतों के 10,050 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 9,700 रुपये तक गिरावट दर्ज करने की संभावना है।
उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली के कारण हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतें शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन गिरावट के साथ बंद हुई और कीमतों के 9,540 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 8,500 रुपये तक गिरावट दर्ज करने की संभावना है।
कमजोर फंडामेंटल के कारण बाजार में नरमी के सेटीमेंट से हल्दी वायदा (दिसंबर) की कीमतों में तेज गिरावट जारी रह सकती है और 5,300-5,200 रुपये के स्तर तक गिरावट होने की संभावना है।
हल्दी वायदा (जुलाई) की कीमतों में 7,100-7,000 रुपये के स्तर तक गिरावट की संभावना है क्योंकि स्थानीय उपभोक्ता केंद्रों और विदेशी बाजार की माँग में कमी आयी है।
हल्दी वायदा (नवंबर) की वायदा कीमतों में कल मामूली गिरावट हुई और कीमतों के 7,220 रुपये पर बाधा के साथ 7,000 रुपये के स्तर तक नीचे पहुँचने की संभावना है।
हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतें कल 0.4% की गिरावट के साथ बंद हुई और तीन महीने के निचले स्तर पर पहुँच गयी।
हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतें कल 1.8% की गिरावट के साथ बंद हुई और कीमतों को 10,300 रुपये के स्तर पर अड़चन रहने की संभावना है।
मुनाफा वसूली के कारण हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों में कल 1.7% की गिरावट दर्ज की गयी।
हाजिर बाजारों में नरमी के रुझान के कारण हल्दी वायदा (नवम्बर) की कीमतों में 5,800-5,775 रुपये तक गिरावट होने की संभावना है जबकि कीमतों को 5,880 रुपये के स्तर पर बाधा रह सकता है।
हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों में पिछले सप्ताह गिरावट के बाद फिर से बढ़त देखी गयी है।
हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों में तेजी का रुझान है और कीमतों में गिरावट के बाद 7,200-7,300 रुपये के लक्ष्य के लिए 7,000 रुपये के पास खरीदारी की जा सकती है।
उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली के कारण हल्दी वायदा (सितंबर) कीमतों में कल थोड़ी रिकवरी हुई लेकिन कीमतें गिरावट के साथ बंद हुई है।
हल्दी वायदा (जून) की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद 7,830 के पास बाधा के साथ 7,680-7,650 रुपये तक गिरावट देखी जा सकती है।
हाजिर बाजारों में नरमी के रुझान के कारण हल्दी वायदा (नवम्बर) की कीमतों में 5,830-5,800 रुपये तक गिरावट होने की संभावना है।
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अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।
हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।