शेयर मंथन में खोजें

निफ्टी (Nifty) चढ़ कर 5909 पर, सेंसेक्स (Sensex) 208 अंक चढ़ा

कोर इंफ्लेशन में सुधार से नीतिगत ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक उतार-चढ़ाव के बाद मजबूती के साथ बंद हुए। 
निफ्टी (Nifty) ने 5900 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया।
सेंसेक्स (Sensex) 208 अंक यानी 1.07% की मजबूती के साथ 19,570 पर बंद हुआ। निफ्टी 58 अंक यानी 0.99% की बढ़त के साथ 5909 पर रहा। सीएनएक्स मिडकैप सूचकांक में 0.79% की मजबूती रही। बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 0.48% की बढ़त और बीएसई स्मॉलकैप में 0.09% की कमजोरी रही। आज के कारोबार में रियल्टी और बैंकिंग में सबसे ज्यादा खरीदारी का रुख रहा।  
ईस्टर्न फाइनेंशियर्स के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) का कहना है कि कोर इंफ्लेशन में गिरावट आना घरेलू बाजार में तेजी एक कारण रहा है। इसके साथ ही पिछले दिनों बाजार असमंजस की स्थिति में काफी टूट गया था और इससे बाजार में आज बिकवाली सौदे कटने (शार्ट कवरिंग) हैं।
निवेश सलाहकार पशुपति सुब्रमण्यम (Pisupati Subramanyam) का कहना है कि निफ्टी ने 5700-5750 का निचला दायरा बना चुका है। इसकी वजह से बाजार में तेजी दिखी है। बाजार में हर गिरावट के बाद बड़े संस्थागत निवेशकों की ओर से खरीदारी की जा रही है। लेकिन बाजार में खुदरा निवेशकों की कमी बनी हुई है।
नकारात्मक एशियाई संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ हुई, लेकिन कारोबार के पहले घंटे में ही बाजार बढ़त गवाँ कर लाल निशान पर चला गया। निफ्टी 5800 के मनोवैज्ञानिक स्तर से भी नीचे फिसला। इस दौरान सेंसेक्स 19,179 पर और निफ्टी 5792 पर दिन के निचले स्तरों पर रहे। हालाँकि निफ्टी जल्दी ही 5800 के स्तर को पार करने में कामयाब रहा। फरवरी माह में कोर इंफ्लेशन में सुधार की वजह से बाजार को फायदा पहुँचा और यह वापस हरे निशान पर लौट आया। फरवरी 2013 में कोर इंफ्लेशन घट कर 3.8% हो गयी है, जबकि जनवरी 2013 में यह 4.1% दर्ज की गयी थी। मजबूत यूरोपीय संकेतों की वजह से भी बाजार की मजबूती बढ़ी। इस दौरान निफ्टी ने 5900 के स्तर को पार कर लिया। इसके बाद जैसे-जैसे कारोबार बढ़ता गया, बाजार की मजबूती भी बढ़ती चली गयी। कारोबार के आखिरी घंटों में सेंसेक्स 19,605 पर और निफ्टी 5920 पर दिन के ऊपरी स्तरों तक चढ़ गये। आखिरकार सेंसेक्स-निफ्टी आज के कारोबार में अपने ऊपरी स्तरों के आसपास ही बंद हुए। 
क्षेत्रो के लिहाज से आज रियल्टी क्षेत्र को सबसे ज्यादा 2.18% का फायदा हुआ। बैंकिंग में 2.08%, कैपिटल गुड्स में 1.34%, तेल-गैस में 1.26% की मजबूती रही। धातु में 0.89%, पीएसयू में 0.87%, पावर में 0.82%, आईटी में 0.68%, टीईसीके में 0.64%, एफएमसीजी में 0.57%, ऑटो में 0.39% और हेल्थकेयर में 0.12% की बढ़त रही। दूसरी ओर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1.45% की गिरावट रही। (शेयर मंथन, 14 मार्च 2013)      

 


Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख