शेयर मंथन में खोजें

निफ्टी (Nifty) गिर कर 5812 पर, सेंसेक्स (Sensex) 171 अंक नीचे

भारतीय रुपये में रिकॉर्डतोड़ गिरावट की वजह से भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक आज गिरावट के साथ बंद हुए। 

भारतीय रुपये में भारी गिरावट से बाजार में दबाव रहा। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 61 के स्तर को पार कर गया है। 

कारोबार के अंत में सेंसेक्स (Sensex) 171 अंक यानी 0.88% की गिरावट के साथ 19,325 पर बंद हुआ। निफ्टी 56 अंक यानी 0.96% गिर कर 5812 पर रहा। सीएनएक्स मिडकैप सूचकांक में 0.26% की कमजोरी रही। बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 0.06% की मामूली और बीएसई स्मॉलकैप में 0.38% की कमजोरी रही। आज के कारोबार में तेल-गैस और पीएसयू क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बिकवाली का रुख रहा।
कमोजर एशियाई संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। कारोबार के शुरुआती मिनटों में ही निफ्टी 5800 के स्तर से नीचे फिसल गया। इस दौरान बाजार में गिरावट बढ़ी। सेंसेक्स 19,186 और निफ्टी 5776 दिन के निचले स्तरों तक लुढ़क गये। हालाँकि बाजार जल्द ही अपन निचले स्तरों से सँभलने में कामयाब रहा। मजबूत यूरोपीय संकेतों की वजह से घरेलू बाजार की गिरावट में कमी आयी। इस दौरान जैसे-जैसे कारोबार बढ़ता गया, बाजार की गिरावट भी कम होती चली गयी। इस दौरान निफ्टी 5800 के स्तर को पार कर गया, लेकिन कारोबार के आखिरी घंटे में बाजार में दोबारा गिरावट बढ़ी। आखिरकार सेंसेक्स-निफ्टी आज के कारोबार में लाल निशान पर ही बंद हुए। 
क्षेत्रो के लिहाज से आज तेल-गैस क्षेत्र को सबसे ज्यादा 1.94% का घाटा हुआ। पीएसयू में 1.90%, रियल्टी में 1.79%, ऑटो में 1.51%, धातु में 1.37% और बैंकिंग में 1.06% की गिरावट रही। पावर में 0.38% की कमजोरी रही। हेल्थकेयर में 0.05% और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.03% की मामूली कमजोरी रही। दूसरी ओर, एफएमसीजी में 0.72% की मजबूती रही। टीईसीके में 0.43%, आईटी में 0.32% और कैपिटल गुड्स में 0.13% की बढ़त रही। (शेयर मंथन, 08 जुलाई 2013)
 

 

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख