शेयर मंथन में खोजें

तीसरी तिमाही में मुनाफे में दोहरे अंकों में वृद्धि की उम्मीदः एंजेल ब्रोकिंग

एंजेल ब्रोकिंग के अनुसार, आईटी और फार्मा क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन की वजह से कारोबारी साल 2013-14 की तीसरी तिमाही में सेंसेक्स कंपनियों के मुनाफे में वृद्धि दर्ज की जा सकती है।
बीती अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में सेंसेक्स कंपनियों के मुनाफे में साल-दर-साल 12.3% और तिमाही-दर-तिमाही 4.5% बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। एंजेल ब्रोकिंग ने बताया है कि इस दौरान उनके कवरेज वाली कंपनियों के मुनाफे में साल-दर-साल 12.1% और तिमाही-दर-तिमाही 9.7% हो सकती है। 
फर्म ने उम्मीद जतायी है कि इस दौरान सेंसेक्स कंपनियों की आमदनी साल-दर-साल 14.9% और तिमाही-दर-तिमाही 6.1% बढ़ सकती है। फर्म के कवरेज वाली कंपनियों की आय में साल-दर-साल 13.9% और तिमाही-दर-तिमाही 5.4% की बढ़ोतरी दर्ज किये जाने की उम्मीद जतायी गयी है। 
एंजेल ब्रोकिंग ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि चक्रीय क्षेत्रों में दिक्कतों के बरकरार रहने की वजह से बीती तिमाही में कंपनियों के मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। ऐसे में सेंसेक्स कंपनियों के मार्जिन में साल-दर-साल 92 आधार अंकों और तिमाही-दर-तिमाही 46 आधार अंकों की गिरावट दर्ज की जा सकती है।  
फर्म ने कहा है कि ऊँची ब्याज लागत और मार्जिन पर दबाव की वजह से कैपिटल गुड्स कंपनियों के मुनाफे में भारी कमी आ सकती है। नये निजी बैंक एक बार फिर बेहतरीन प्रदर्शन पेश कर सकते हैं। एफएमसीजी कंपनियों की आमदनी में शानदार बढ़ोतरी की वजह से इनके मुनाफा दोहरे अंकों में बढ़ सकता है। साल 2013-14 की तीसरी तिमाही में दूरसंचार सेवा कंपनियों के कुल प्रदर्शन में सुधार होने की उम्मीद है। (शेयर मंथन, 06 जनवरी 2014)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख