शेयर मंथन में खोजें

उतार-चढ़ाव के बाद निफ्टी (Nifty) रहा सपाट

जनवरी वायदा सीरीज (F&O) के निपटान से पहले आज भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक हल्की गिरावट के साथ बंद हुए। 

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक में बांड खरीद कार्यक्रमों को घटाये जाने की संभावनाओं से बाजार पर दबाव बढ़ा। 

कारोबार के अंत में सेंसेक्स (Sensex) 36 अंक यानी 0.18% की कमजोरी के साथ 20,647 पर रहा। निफ्टी (Nifty) 6 अंक यानी 0.10% की मामूली कमजोरी के साथ 6120 पर बंद हुआ। सीएनएक्स मिडकैप (CNX Midcap) में 0.52% की बढ़त रही। बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) में 0.18% की बढ़त और बीएसई स्मॉलकैप (BSE Smallcap) में 0.26% की कमजोरी रही। क्षेत्रों के लिहाज से धातु और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बिकवाली का रुख रहा। 
मिले-जुले एशियाई संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 20,829 और निफ्टी 6170 पर दिन के ऊपरी स्तरों पर रहे, लेकिन इसके बाद जैसे-जैसे कारोबार बढ़ता गया, बाजार की मजबूती घटती चली गयी। मजबूत यूरोपीय संकेतों के बीच घरेलू बाजार में एक सीमित दायरे में कारोबार होता रहा। कारोबार के आखिरी घंटों में बाजार बढ़त गवाँ कर लाल निशान पर फिसल गया। इस दौरान सेंसेक्स 20,614 और निफ्टी 6110 दिन के निचले स्तरों तक लुढ़क गये। हालाँकि कारोबार के आखिरी मिनटों में बाजार अपनी निचले स्तरों से सँभलता नजर आया। आखिरकार सेंसेक्स-निफ्टी आज के कारोबार में लाल निशान पर ही बंद हुए। 
क्षेत्रों के लिहाज से आज धातु क्षेत्र को सबसे ज्यादा 1.32% की गिरावट रही। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.78%, बैंकिंग में 0.64%, रियल्टी में 0.50%, तेल-गैस में 0.18% और पावर में 0.03% की कमजोरी रही। दूसरी ओर, कैपिटल गुड्स में 1.00% की मजबूती रही। हेल्थकेयर में 0.84%, आईटी में 0.60%, टीईसीके में 0.49% और ऑटो में 0.23% की बढ़त रही। एफएमसीजी में 0.01% की मामूली बढ़त रही। (शेयर मंथन, 29 जनवरी 2014)

 

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख