शेयर मंथन में खोजें

निफ्टी (Nifty) चढ़ कर 7,362 पर, सेंसेक्स (Sensex) 468 अंक उछला

कारोबारी हफ्ते के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक शानदार तेजी के साथ बंद हुए।

सरकार द्वारा आर्थिक सुधारों की दिशा में जल्द कई अहम फैसले लिये जाने की उम्मीदों से बाजार को बल मिला। 

निफ्टी (Nifty) 7,300 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बंद हुए। 

कारोबार के अंत में सेंसेक्स (Sensex) 468 अंक यानी 1.93% की मजबूती के साथ 24,685 पर रहा। निफ्टी 133 अंक यानी 1.83% चढ़ कर 7,362 पर बंद हुआ। सीएनएक्स मिडकैप (CNX Midcap) में 2.22% की तेजी रही। बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) में 2.16% और बीएसई स्मॉलकैप (BSE Smallcap) में 2.01% की मजबूती रही। क्षेत्रों के लिहाज से आज कैपिटल गुड्स और बैंकिंग में सबसे ज्यादा खरीदारी का रुख रहा। 

मिले-जुले एशियाई संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में ही बाजार की मजबूती बढ़ती चली गयी। मजबूत यूरोपीय संकेतों के बीच घरेलू बाजार को बल मिला। निफ्टी 7,300 के स्तर को पार करने में कामयाब रहा। दोपहर के कारोबार में बाजार का जोश बढ़ा। इसके बाद जैसे-जैसे कारोबार बढ़ता गया, बाजार की तेजी भी बढ़ती चली गयी। कारोबार के आखिरी मिनटों में सेंसेक्स 24,709 और निफ्टी 7,369 दिन के ऊपरी स्तरों तक चढ़ गये। आखिरकार सेंसेक्स-निफ्टी आज के कारोबार में तेजी के साथ बंद हुए। 

क्षेत्रों के लिहाज से आज कैपिटल गुड्स क्षेत्र में सबसे ज्यादा 4.93% की तेजी रही। बैकिंग में 3.28%, तेल-गैस में 2.85%, पावर में 2.38%, धातु में 1.86%, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1.67%, रियल्टी-ऑटो में 1.43% व 1.43% और टीईसीके में 0.61% की मजबूती रही। आईटी में 0.03% की मामूली बढ़त रही। दूसरी ओर, हेल्थकेयर में 0.92% और एफएमसीजी में 0.82% की कमजोरी रही। (शेयर मंथन, 02 जून 2014) 

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख