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डीएलएफ (DLF) खरीदने की सलाह दी मोतीलाल ओसवाल ने

मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के मुताबिक कंपनी के नतीजे उसके अनुमानों से कमजोर रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में माँग में सुस्ती और किसी बड़ी योजना के शुरू नहीं होने का असर कंपनी की तीसरी तिमाही के नतीजों पर देखने को मिला है।

साल 2014-15 की तीसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 9.77% घट कर 131 करोड़ रुपये रहा है। वहीं 2013-14 की इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 145.2 करोड़ रुपये था। इस कारोबारी साल की तीसरी तिमाही में कंपनी की कुल आय पिछले साल के मुकाबले 19.72घटी है। यह तिमाही आय 2,590 करोड़ रुपये से घट कर 2,079 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गयी।

तीसरी तिमाही में आय का आँकड़ा ब्रोकिंग फर्म के अनुमानों से 8% और एबिटा मार्जिन अनुमानों से 4% कम रहा है। हालाँकि तिमाही मुनाफा इसके अनुमान से 3% बेहतर रहा है। मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के मुताबिक टैक्स दर के कम रहने से ऊँची ब्याज दरों का असर कट गया और मुनाफे का आँकड़ा अनुमान से बेहतर रहा।

ब्रोकिंग फर्म की रिपोर्ट के मुताबिक बाजार की सुस्त हालत और कानूनी मसले अभी भी डीएलएफ के लिए चुनौती बने हुए हैं। ब्रोकिंग फर्म ने 180 रुपये के लक्ष्य के साथ यह शेयर खरीदने की सलाह जारी रखी है।

गुरुवार को डीएलएफ का शेयर सपाट रहा। बीएसई में यह केवल 0.20 रुपये या 0.13%की हल्की बढ़त के साथ 158.90 रुपये पर बंद हुआ। (शेयर मंथन, 12 फरवरी 2015)

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