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बाजार में गिरावट थमी, पर सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) सपाट बंद

कारोबारी हफ्ते के अंतिम दिन और वायदा बाजार में अप्रैल सीरीज के पहले दिन शुक्रवार को हरियाली और लाली दोनों तरफ का उतार-चढ़ाव देखने के बाद शेयर बाजार बिल्कुल सपाट बंद हुआ।

जहाँ बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) केवल 1 अंक की नाम मात्र की बढ़त के साथ 27,459 पर बंद हुआ, वहीं एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) मात्र 1 अंक की गिरावट के साथ 8,341 पर बंद हुआ। इससे पहले सेंसेक्स ने सुबह-सुबह बाजार खुलते ही 27,694 का ऊपरी स्तर छुआ। फिर यह फिसलते हुए दोपहर में 27,248 तक गिर गया। इस तरह 446 अंक का उतार-चढ़ाव देखने के बाद यह सपाट बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी 8,413 के ऊपरी स्तर से 8,269 तक की गिरावट देखने के बाद सपाट हो गया। एक दिन पहले ही गुरुवार को मार्च सीरीज के निपटान (एक्सपायरी) के दिन सेंसेक्स में 654 अंक की जबरदस्त गिरावट आयी थी। 

छोटे-मँझोले सूचकांकों पर नजर डालें तो बीएसई मिडकैप भी केवल 5 अंक या 0.05% की मामूली बढ़त के साथ सपाट ही रहा। वहीं बीएसई स्मॉलकैप में 0.32% की गिरावट आयी। एनएसई में कुछ उल्टा होता दिखा। यहाँ सीएनएक्स मिडकैप 0.17% गिरा, जबकि सीएनएक्स स्मॉलकैप में 0.30% की बढ़त दर्ज हुई। 

अभी भारतीय शेयर बाजार में मध्य-पूर्व के देशों में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता कायम है। साथ ही अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना और अपने यहाँ चौथी तिमाही में कारोबारी नतीजे कुछ कमजोर रहने की आशंका से बाजार सतर्क है। शुक्रवार के कारोबार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बिकवाली का रुख अपनाया और 321 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 675 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी करके निचले भावों का फायदा उठाने की कोशिश की। 

विभिन्न क्षेत्रों का रुख देखें, तो मिला-जुला रुझान रहा। बीएसई कैपिटल गुड्स में 1.32%, बैंकिंग में 1.07%, आईटी में 0.52%, ऑटो में 0.43% और कंज्यूमर ड्यूरेबल में 0.43% की बढ़त दर्ज हुई। दूसरी ओर तेल-गैस में 1.54%, एफएमसीजी में 1.04%, हेल्थकेयर में 0.77% और रियल्टी में 0.70% की गिरावट आयी। (शेयर मंथन, 27 मार्च 2015)

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