शेयर मंथन में खोजें

बाजार में आयी भारी गिरावट, 300 अंक लुढ़का सेंसेक्स

मंगलवार को आईटी, धातु और फार्मा शेयरों में बिकवाली के बीच बाजार में गिरावट दर्ज की गयी।

आज वित्तीय, वाहन और खपत शेयरों में भी कमजोरी देखी गयी। वैश्विक बाजारों में गिरावट से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव पड़ा, जबकि ऋण बढ़ाने के लिए हुई आरबीआई बोर्ड बैठक के नतीजे भी निवेशकों को प्रभावित नहीं कर सके। सेंसेक्स की 300 अंकों की गिरावट में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी, इन्फोसिस और आईसीआईसीआई बैंक ने सर्वाधिक योगदान दिया।
बीएसई सेंसेक्स (BSE SENSEX) 35,774.88 अंकों के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 35,730.77 पर खुला और कारोबार के दौरान 35,416.18 अंकों के निचले स्तर तक गिरा। आखिर में सेंसेक्स 300.37 अंक या 0.84% की गिरावट के साथ 35,474.51 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई (NSE) का निफ्टी (Nifty) 10,763.40 के पिछले बंद स्तर की तुलना में 10,740.10 पर खुल कर 107.20 अंक या 1.00% की गिरावट के साथ 10,656.20 पर बंद हुआ। आज निफ्टी का निचला स्तर 10,640.85 का रहा। आज बीएसई के कुल शेयरों में से 864 शेयरों में मजबूती के मुकाबले 1,728 शेयरों में कमजोरी आयी, जबकि 149 शेयर सपाट रहे।
इसके अलावा छोटे-मँझोले बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली। आज बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) में 1.02% और बीएसई स्मॉलकैप (BSE SmallCap) में 0.92% की कमजोरी दर्ज की गयी। वहीं निफ्टी मिडकैप 100 (Nifty Midcap 100) 0.98% और निफ्टी स्मॉल 100 (Nifty Small 100) 1.33% की गिरावट के साथ बंद हुए।
निफ्टी के प्रमुख 50 शेयरों में से 06 शेयरों में मजबूती और 44 शेयरों में कमजोरी आयी, जबकि बीएसई के 31 प्रमुख शेयरों में 04 शेयरों में मजबूती और 27 शेयरों में कमजोरी आयी। आज के कारोबार में सेंसेक्स के दिग्गज शेयरों में से इंडसइंड बैंक में 1.34%, अदाणी पोर्ट्स में 1.24%, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा में 0.30% और एचडीएफसी बैंक में 0.06% की बढ़त आयी। गिरने वाले शेयरों में से यस बैंक में 6.10%, टाटा स्टील में 3.21%, वेदांत में 2.89%, विप्रो में 2.59%, एनटीपीसी में 2.42% और भारती एयरटेल में 2.09% की कमजोरी दर्ज की गयी। (शेयर मंथन, 20 नवंबर 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख