शेयर मंथन में खोजें

सपाट बंद हुआ बाजार, 11,600 के नीचे रहा निफ्टी

कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को सेंसेक्स में हल्की बढ़ोतरी हुई, जबकि निफ्टी सपाट बंद हुआ।

आज सेंसेक्स 39,000 के ऊपर और निफ्टी 11,600 के नीचे बंद हुआ। तेज शुरुआत के बाद सूचकांकों ने शुरुआती कारोबार में ही बढ़त गँवा दी थी। इसके बाद दोपहर में सूचकांकों ने डुबकी लगायी, मगर करीब 1.30 बजे बाजार फिर से संभलना शुरू हुआ। वित्तीय, वाहन और फार्मा शेयरों में बिकवाली से बाजार दबाव में रहा। हालाँकि सरकारी बैंकों, आईटी और मीडिया शेयरों ने बाजार को संभाला।
बीएसई सेंसेक्स (BSE SENSEX) 39,020.39 अंकों के पिछले बंद स्तर की तुलना में आज सुबह वृद्धि के साथ 39,201.67 पर खुला और कारोबार के दौरान 39,241.61 के ऊपरी स्तर तक चढ़ा। अंत में सेंसेक्स 37.67 अंकों या 0.10% की वृद्धि के साथ 39,058.06 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई (NSE) का निफ्टी (Nifty) 11,582.60 के पिछले बंद स्तर की तुलना में 11,646.15 पर खुल कर सपाट 11,583.90 पर बंद हुआ। आज निफ्टी का ऊपरी स्तर 11,646.90 पर रहा।
निफ्टी के प्रमुख 50 शेयरों में से 19 शेयरों में मजबूती और 31 शेयरों में कमजोरी आयी। वहीं बीएसई के 31 प्रमुख शेयरों में से 13 शेयरों में बढ़ोतरी और 18 शेयरों में गिरावट दर्ज की गयी।
आज के कारोबार में सेंसेक्स के दिग्गज शेयरों में से यस बैंक में 7.97%, एसबीआई में 7.19%, आईसीआईसीआई बैंक में 3.18%, सन फार्मा में 2.72%, टीसीएस में 2.06% और एचसीएल टेक में 1.52% की बढ़त आयी। गिरने वाले शेयरों में से टाटा मोटर्स में 4.87%, वेदांत में 2.47%, एचडीएफसी में 2.01%, कोटक महिंद्रा बैंक में 1.57%, हीरो मोटोकॉर्प में 1.55% और एनटीपीसी में 1.21% की कमजोरी दर्ज की गयी।
आज बीएसई के कुल शेयरों में से 1,081 शेयरों में मजबूती के मुकाबले 1,355 शेयरों में कमजोरी आयी, जबकि 157 शेयर सपाट रहे।
दूसरी तरफ छोटे-मँझोले सूचकांकों में भी कमजोरी आयी। केवल बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) में 0.02% की वृद्धि और बीएसई स्मॉलकैप (BSE SmallCap) में 0.39% की कमजोरी आयी। वहीं निफ्टी मिडकैप 100 (Nifty Midcap 100) में 0.18% और निफ्टी स्मॉल 100 (Nifty Small 100) में 0.30% की गिरावट आयी। (शेयर मंथन, 25 अक्टूबर 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख