शेयर मंथन में खोजें

बीएसई सेंसेक्स (Sensex) सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर हुआ बंद

भारतीय शेयर बाजार के महत्वपूर्ण सूचकांकों में तेजी का सिलसिला आज तीसरे दिन भी जारी रहा।

अपने पिछले बंद स्तर 46,444.18 के मुकाबले बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) आज गुरुवार को मजबूती के साथ 46,743.49 पर खुला। आज दिन भर सेंसेक्स हरे निशान में बना रहा, हालाँकि दोपहर बाद इसकी तेजी बढ़ती गयी। इस दौरान यह ऊपर की ओर 47,053.40 तक उछला और आखिर में 529.36 अंकों या 1.14% की मजबूती के साथ 46,973.54 पर बंद हुआ। बंद भाव के लिहाज से सेंसेक्स का यह सर्वकालिक उच्चतम स्तर है। आज के कारोबार में सेंसेक्स के 21 शेयर बढ़ोतरी के साथ बंद हुए, जबकि नौ शेयर गिरावट के साथ। आज ऐक्सिस बैंक (Axis Bank) में 3.04%, सन फार्मा (Sun Pharma) में 2.67% और ओएनजीसी (ONGC) में 2.59% की तेजी दर्ज की गयी। दूसरी ओर इन्फोसिस (Infosys) में 1.32% की गिरावट रही।
आज एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) 148.15 अंकों या 1.09% की बढ़ोतरी के साथ 13,749.25 पर बंद हुआ। इस तरह आज लगातार तीसरा दिन ऐसा रहा, जब भारतीय शेयर बाजार के महत्वपूर्ण सूचकांक तेजी के साथ बंद हुए। इससे पहले मंगलवार और बुधवार को भी भारतीय बाजार के दिग्गज सूचकांक मजबूती दर्ज करने में कामयाब हुए थे।
कल शुक्रवार यानि 25 दिसंबर को भारतीय शेयर बाजार में क्रिसमस (Christmas) का अवकाश है। इस तरह बाजार तीन दिन के लिए बंद रहेंगे और अब सोमवार को कारोबार के लिए खुलेंगे। (शेयर मंथन, 24 दिसंबर 2020)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख