शेयर मंथन में खोजें

दिशाहीन बाजार में ब्रेकआउट के इंतजार में कारोबारी : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक गुरुवार (11 जनवरी) को प्रमुख सूचकांक में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में सकारातमक गति जारी रही। इसके साथ ही निफ्टी 29 अंक ऊपर, जबकि सेंसेक्स 63 अंक जोड़ कर बंद हुए।

क्षेत्रों में ऊर्जा सूचकांक में 1% की उछाल आयी,  जबकि मीडिया और चुनिंदा आईटी स्टॉक में मुनाफावसूली देखने को मिली। तकनीकी रूप से, गैप-अप शुरुआत के बाद बाजार में ऊपरी स्तरों पर एकदिनी बिक्री का दबाव देखा गया। हालाँकि, अंतत: सेसेक्स/निफ्टी 21600/71500 के स्तर के ऊपर बंद होने में कामयाब रहे जो काफी हद तक सकारात्मक है।

हमारा मानना है कि  बाजार का मौजूदा ढाँचा दिशाहीन है और कारोबारी किसी भी तरफ ब्रेकआउट का इंतजार कर रहे हैं। तेजड़ियों के लिए 21750/72100 तत्काल ब्रेकआउट का स्तर होगा। ब्रेकआउट के बाद बाजार में 21835-21875/72400-72600 के स्तर तक रैल आ सकती है। वहीं दूसरी तरफ, 21600/72100 के स्तर के नीचे बाजार में कमजोरी बढ़ेगी। बाजार 21500-21450/71800-71650 के स्तर पर पुन: लौट सकते हैं। 

बैंक निफ्टी 47200 के ऊपर टिका हुआ है और 47550-47700 के स्तरों के बीच बिकवाली के दबाव को संभालने की कोशिश कर रहा है। 47700 के स्तर पर खरीदारी का सुझाव है क्योंकि यहाँ ये बैंक निफ्टी 47950/48150 के स्तर की तरफ बढ़ेगा। 47200 के स्तर के नीचे इसमें कमजोरी बढ़ेगी और ये 47000-46900 के स्तर तक फिसल सकता है।

(शेयर मंथन, 12 जनवरी 2024) 

(आप भी किसी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख