शेयर मंथन में खोजें

इतिहाद (Etihad) नहीं करेगी जेट एयरवेज (Jet Airways) में और निवेश

खबरों के अनुसार यूएई की विमानन कंपनी इतिहाद (Etihad) ने सकंट से गुजर रही जेट एयरवेज (Jet Airways) में और निवेश न करने के बारे में एसबीआई (SBI) को अवगत करा दिया है।

साथ ही इतिहाद कर्जदाताओं के समूह द्वारा तैयार किये गये पूँजी जुटाने वाले सौदे का भी हिस्सा नहीं होगी। बता दें कि खाड़ी देश की विमानन कंपनी की योजना जेट एयरवेज से बाहर निकलने की है। इस समय इतिहाद की जेट में करीब 24% हिस्सेदारी है।
इस बीच खबर यह भी है कि जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल और उनके बेटे निवान गोयल ने दोहा पहुँचे हैं और कतर एयरवेज के वैश्विक सीईओ अकबर अल-बाकेर को एक प्रस्तुति दी है।
वहीं जेट एयरवेज के विमानों का संचालन रुकने का सिलसिला भी बरकरार है। पट्टा करार के तहत पट्टेदारों को विमानों के किराये का भुगतान न करने के कारण जेट एयरवेज को सोमवार को 4 और विमानों का संचालन रोकना पड़ा, जिसके कारण कंपनी की कई उड़ानें रद्द हो गयी हैं।
दूसरी तरफ बीएसई में जेट एयरवेज का शेयर 237.00 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 235.10 रुपये पर खुल कर कारोबार के दौरान 224.00 रुपये के निचले स्तर तक गिरा। अंत में यह 12.00 रुपये या 5.06% की गिरावट के साथ 225.00 रुपये के भाव पर बंद हुआ। इस भाव पर कंपनी की बाजार पूँजी 2,555.94 करोड़ रुपये है। वहीं पिछले 52 हफ्तों में कंपनी के शेयर का सर्वाधिक भाव 708.15 रुपये और निचला स्तर 163.00 रुपये रहा है। (शेयर मंथन, 19 मार्च 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख