शेयर मंथन में खोजें

गेल (GAIL) के मुनाफे और आमदनी में बढ़ोतरी, शेयर मजबूत

साल दर साल आधार पर सरकारी प्राकृतिक गैस कंपनी गेल (GAIL) के 2019 के जनवरी-मार्च तिमाही मुनाफे में 9.9% की वृद्धि दर्ज की गयी है।

पिछले कारोबारी साल की समान तिमाही में 1,021 करोड़ रुपये के मुकाबले कंपनी ने 1,122.2 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। गेल के मुनाफे को इसकी आमदनी में बढ़त से सहारा मिला, जो कि समान अवधि में 15,431 करोड़ रुपये से 21.6% बढ़ कर 18,764 करोड़ रुपये हो गयी। इसके अलावा गेल का एबिटा 1,695 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग सपाट 1,684.1 करोड़ रुपये रहा, जबकि एबिटा मार्जिन 10.9% के मुकाबले गिर कर 8.9% रह गया।
बता दें कि गेल के तिमाही नतीजों को ब्रोकिंग फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने मिला-जुला बताया है, जिनमें मुनाफा अनुमान से कम रहा। ब्रोकिंग ने गेल के 1,334 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान लगाया था।
साल दर साल आधार पर ही गेल की प्राकृतिक गैस ट्रांसमिशन मात्रा 3% अधिक 109.2 मिलियन मेट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रति दिन (एमएमएससीएमडी) और गैस विपणन मात्रा 10.3% अधिक 98.4 एमएमएससीएमडी रही।
दूसरी तरफ बीएसई में गेल का शेयर 348.35 रुपये के पिछले बंद भाव की तुलना में सुबह 353.10 रुपये पर खुला और अभी तक के कारोबार के दौरान 354.50 रुपये के ऊपरी स्तर तक चढ़ा है। करीब डेढ़ बजे गेल के शेयरों में 3.65 रुपये या 1.05% की वृद्धि के साथ 352.00 रुपये पर कारोबार हो रहा है। इस भाव पर कंपनी की बाजार पूँजी 79,378.50 करोड़ रुपये है। वहीं पिछले 52 हफ्तों में कंपनी के शेयर का सर्वाधिक भाव 398.80 रुपये और निचला स्तर 296.00 रुपये रहा है। (शेयर मंथन, 28 मई 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख