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सलाह

बाजार का 10% गिरना तो सामान्य बात है - देविना मेहरा

Expert Devina Mehra: अगर आप पिछले 17-18 साल का डेटा देखें, तो कुछ ही साल ऐसे होंगे जब बाजार 10% या उससे कम गिरा हो। इसलिए मेरे हिसाब से बाजार में 10% तक की गिरावट या सुधार बहुत सामान्य बात है। ये इतनी बड़ी गिरावट बाजार में दो साल के बाद देखने को मिली है।

Bank Nifty-Nifty Prediction : 23,000 के स्तर तक सूचकांक में आयेंगे कई पड़ाव

Expert Shomesh Kumar: बीते हफ्ते बाजार की स्थिति के लिए सिर्फ एक कारण को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। सप्ताहांत, वायदा-विकल्प सौदों का मासिक और साप्ताहिक निप्टान, साल के अंत की मुनाफावसूली और छुट्टियों का मौसम आ रहा है।

Stock Market Analysis : बाजार में अब निवेशक क्या बनायें रणनीति?

Expert Vijay Chopra: डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी हमारे लिए अच्छी नहीं है। हम कई चीजों के लिए आयात पर निर्भर हैं, इसलिए डॉलर महँगा होने से आयात प्रभावित होगा। हालाँकि कच्चा तेल इस समय महँगा नहीं है और ये हमारे लिए बहुत अच्छी बात है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय कारणों में अमेरिका में नव निर्वाचित राष्ट्रपति का कार्यभार संभालने को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं।

फेडरल रिजर्व के कदम से क्यों घबराये दुनिया के बाजार : सिद्धार्थ चौधरी से बातचीत

फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) ने फिर से अपनी ब्याज दरों में 0.25% की कटौती जरूर कर दी है, पर आगे के लिए उसके बोल कड़े हैं (hawkish tone)। इसके बाद से दुनिया भर में चाहे बॉन्ड बाजारों के यील्ड हों या शेयर बाजार हों, सब जगह भारी उथल-पुथल मची है।

Gillette India Ltd Share Latest News: कोई मजबूरी न हो, तो स्टॉक को होल्ड करें

गजेंद्र मौर्या : जिलेट इंडिया पर आपके क्या विचार हैं? इसे 6000 रुपये के स्तर से होल्ड किया है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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