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US Stock Market News: अभी कितना और पिटेंगे भारतीय शेयर बाजार - संदीप जैन

Expert Sandeep Jain: भारतीय बाजारों में गिरावट घरेलू कारणों से नहीं हुई, इसके लिए वैश्विक संकेत जिम्मेदार थे। जापान के बाजारों में 20% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है, जो साफतौर से ट्रेंड में बदलाव का संकेत दे रही है। अमेरिकी बाजारों की बात करें तो नैस्डैक 200 डीएमए के नीचे आ गया है और डॉव जोंस 200 डीएमए के आसपस है।

Stock Market Analysis: क्या केवल स्मॉलकैप वाला पोर्टफोलियो बनाना ठीक है? क्या है एक्सपर्ट सलाह

आनंद झा : मैं ज्यादा स्मॉलकैप में निवेश करता हूँ, लेकिन अभी की स्थिति को देख कर 40% कैश रखा है, 40% कोटक महिंद्रा बैंक और एचडीएफसी बैंक में पैसे लगाये हैं और 20% स्मॉलकैप में निवेश किया है। ये ठीक है या कुछ और पुन: आवंटन करें?

अमेरिका में मंदी के हालात, शेयर बाजार गिरा तो कौन से सेक्टर के स्टॉक्स सबसे जयदा पिटेंगे?

Expert Shomesh Kumar: अमेरिका में अगर मंदी आती है तो इससे प्रभावित क्षेत्रों के बारे में अभी कुछ भी कहना मुश्किल है, क्योंकि अभी उस तरह के आँकड़े उपलब्ध नहीं होंगे। लेकिन ये मान लिया जाये कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी आती है और बाजार की स्थिति खराब होती है, तो कोई क्षेत्र इसकी चपेट में आने से अछूता नहीं रहेगा।

Gold Price Today: Global Market में चढ़े गोल्ड के दाम, भारत में महंगा हुआ सोना, क्यों?

Expert Shomesh Kumar: मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव को 2 अगस्त के ताजा उच्च स्तर पर रुक जाना चाहिए। हमने इसके लिए 2250 से 2500 डॉलर का दायरा निर्धारित करके रखा था। अभी ये इस दायरे की ऊपरी सीमा के आसपास चल रहा है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था की खराब खबर के चलते सोने के भाव में जो तेजी आनी चाहिए थी, वो अब आ चुकी है।

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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