देश की प्रमुख ब्रोकरेज फर्म ऐक्सिस सिक्योरिटीज ने ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज (Greenply Industries) के तिमाही नतीजों पर जारी अपनी रिपोर्ट में खरीदारी (BUY) की रेटिंग बरकरार रखते हुए 340 रुपये का नया लक्ष्य दिया है। फिलहाल शेयर की कीमत 272 रुपये पर है।
ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज का वित्तीय प्रदर्शन
इस ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी आने वाले वर्षों में मजबूत मात्रात्मक वृद्धि (वॉल्यूम ग्रोथ), बेहतर मार्जिन और पूँजीगत व्यय (कैपेक्स) में विस्तार के दम पर तेजी से आगे बढ़ सकती है। ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी की आमदनी (रेवेन्यू) सालाना आधार पर 19.6% बढ़ कर 776 करोड़ रुपये पर पहुँच गयी, जबकि एबिटा (EBITDA) आय 37% उछल कर 93 करोड़ रुपये रही। एबिटा मार्जिन भी बढ़ कर 12% हो गया। शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) में करीब 87% की तेजी दर्ज हुई और यह 31 करोड़ रुपये पर पहुँच गया।
कंपनी के एमडीएफ कारोबार में 45% से ज्यादा की मात्रात्मक वृद्धि देखने को मिली, जबकि प्लाईवुड श्रेणी में भी 16% की मजबूत वृद्धि दर्ज हुई। प्लाईवुड से होने वाली आमदनी 588 करोड़ रुपये रही। वहीं एमडीएफ कारोबार से होने वाली आमदनी 189 करोड़ रुपये रही। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, कुल आमदनी 2,739 करोड़ रुपये तक पहुँच गया, जो पिछले वित्त वर्ष से 10% ज्यादा है। सालाना एबिटा आय 14% बढ़ कर 271 करोड़ रुपये रुपये हो गयी, और एबिटा मार्जिन 10% रहा। वार्षिक शुद्ध लाभ 90 करोड़ रुपये रहा। कंपनी की वार्षिक आमदनी में प्लाईवुड कारोबार का योगदान 2,105 करोड़ रुपये रहा, जिसमें बिक्री की मात्रा में 8% की बढ़ोतरी हुई। वहीं एमडीएफ का योगदान 635 करोड़ रुपये रहा, जिसमें जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली।
ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज को क्यों मिली खरीदारी की रेटिंग?
ऐक्सिस सिक्योरिटीज का मानना है कि ग्रीनप्लाई ने मुनाफे की ओर एक स्पष्ट बदलाव दिखाया है, जिसमें चौथी तिमाही के मार्जिन के नये आधार बनने की संभावना है। एमडीएफ के मार्जिन को कामकाजी दक्षता बढ़ने से मदद मिल रही है, जबकि प्लाईवुड के मार्जिन में प्रक्रिया में नवाचार (प्रोसेस इनोवेशन) और बेहतर उत्पाद मिश्रण (प्रोडक्ट मिक्स) के कारण सुधार हो रहा है। उन्नत विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) तकनीक की शुरुआत से गुणवत्ता बढ़ने और लागत कम होने की उम्मीद है, खास कर वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही (H2FY27) में।
कंपनी की एमडीएफ श्रेणी एक मजबूत विकास इंजन के रूप में उभर रही है, जिसमें प्रबंधन ने वित्त वर्ष 2026-27 में 25 से 30% मात्रात्मक वृद्धि का अनुमान लगाया है। इसे मजबूत माँग और सीमित प्रतिस्पर्धी दबाव का फायदा मिल रहा है। उच्च कामकाजी दक्षता और हाल ही में कीमतों में की गयी बढ़ोतरी (10 से 15%) से मार्जिन लगभग 17% पर बने रहने की उम्मीद है।
इसके अलावा, 425 करोड़ रुपये के कैपेक्स कार्यक्रम (लगभग 300 करोड़ रुपये मीडियम-डेंसिटी फाइबरबोर्ड (MDF) के लिए, 130 करोड़ रुपये प्लाईवुड के लिए, और शेष रखरखाव संबंधी कैपेक्स के लिए) के माध्यम से क्षमता विस्तार, कई वर्षों तक विकास की संभावना सुनिश्चित करता है, जिससे कंपनी बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए अच्छी स्थिति में आ जाती है।
ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज शेयर पर ऐक्सिस का नजरिया
ब्रोकरेज का मानना है कि ग्रीनप्लाई वित्त वर्ष 2026-27 को लेकर आशावादी बनी हुई है। ऐक्सिस सिक्योरिटीज का कहना है कि असंगठित क्षेत्र पर बढ़ते दबाव का फायदा ग्रीनप्लाई जैसी संगठित कंपनियों को मिल रहा है। बढ़ती कंप्लायंस लागत, कच्चे माल की ऊँची कीमतों और कामकाजी पूँजी (वर्किंग कैपिटल) संबंधी दबाव के कारण छोटे खिलाड़ी कमजोर पड़ रहे हैं, जिससे ग्रीनप्लाई लगातार बाजार हिस्सेदारी (मार्केट शेयर) बढ़ा पा रही है। कंपनी का मजबूत ब्रांड, वितरण (डिस्ट्रीब्यूशन) नेटवर्क और ओईएम चैनल पर बढ़ता ध्यान भी इसकी वृद्धि को मजबूती दे रहा है।
कंपनी के प्रबंधन को उम्मीद है कि चौथी तिमाही के मार्जिन स्तर आगे बने रहेंगे। एमडीएफ मार्जिन 17% के आसपास रहेगा, जबकि प्लाईवुड मार्जिन में और सुधार होगा - खास कर 2026-27 की दूसरी छमाही (H2FY27) में, जब नयी मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी काम में आने लगेगी। सभी श्रेणियों में की गयी मूल्य वृद्धि से कच्चे माल की लागत के दबाव की भरपाई होने की उम्मीद है, जबकि लकड़ी की कीमतें स्थिर रहने की संभावना है। अभी चल रहे पूँजीगत खर्च (कैपेक्स) के बावजूद कंपनी अनुशासित उधारी स्तर (लेवरेज) बनाये रखने की योजना बना रही है। अनुमान है कि डेट-इक्विटी अनुपात 0.7 तक चढ़ने के बाद फिर सामान्य स्तर पर आ जायेगा। कुल मिला कर, कंपनी का मुख्य ध्यान मार्जिन को सुरक्षित रखते हुए मात्रा-आधारित वृद्धि पर बना हुआ है।
ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज में क्या-क्या जोखिम मौजूद हैं?
इस रिपोर्ट में कुछ जोखिमों का भी जिक्र किया गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि प्लाईवुड की माँग में सुस्ती कंपनी की भविष्य की वृद्धि के लिए एक मुख्य जोखिम हो सकती है। घरेलू एमडीएफ की कीमतों में कमजोरी और एमडीएफ के क्षेत्र में बढ़ता मुकाबला ग्रीनप्लाई की बाजार हिस्सेदारी को नुकसान पहुँचा सकता है। लकड़ी की बढ़ती कीमतें मार्जिन को कम कर देंगी, क्योंकि हो सकता है कि कंपनी इन बढ़ी हुई कीमतों का बोझ ग्राहकों पर न डाल पाये। इसके अलावा, असंगठित क्षेत्र (अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर) के खिलाड़ियों द्वारा कीमतों में की जाने वाली कटौती से भी कंपनी के मुनाफे पर बुरा असर पड़ सकता है।
ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज शेयरों का मूल्यांकन
मूल्यांकन (वैल्यूएशन) की बात करें तो ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027-28 के लिए अनुमानित प्रति शेयर आय (FY28E EPS) के 22 गुना पीई अनुपात (PE Multiple) पर कंपनी का मूल्यांकन किया है और 340 रुपये का लक्ष्य भाव (Target Price) दिया है। वित्त वर्ष 2027-28 में कंपनी का अनुमानित ईपीएस 16 रुपये से अधिक रहने की उम्मीद है। साथ ही, वित्त वर्ष 2027-28 के लिए रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 16% पर पहुँचने का अनुमान है, जो कंपनी की मजबूत कमाई क्षमता को दिखाती है।
(शेयर मंथन, 09 मई 2026)