आईटी सेक्टर की तकनीकी तस्वीर फिलहाल कमजोर नजर आ रही है।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि निफ्टी आईटी का स्ट्रक्चर खराब हो चुका है और जब तक इंडेक्स 32,000 का स्तर दोबारा पार नहीं करता, तब तक नीचे के स्तरों की संभावना बनी रहेगी। उनका कहना है कि बाजार में आगे आने वाले नतीजों को लेकर अनिश्चितता भी है और अगर कंपनियों के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे तो दबाव और बढ़ सकता है। मौजूदा स्थिति में निफ्टी आईटी के लिए 26,000 से 32,000 के बीच कंसोलिडेशन की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। वहीं, कमजोर स्थिति में इंडेक्स 24,000 के आसपास के स्तरों को भी दोबारा टेस्ट कर सकता है।
तकनीकी स्तरों की बात करें तो जुलाई के बॉटम और उसके बाद बने निचले स्तरों को जोड़कर एक ट्रेंडलाइन बनाई गई है, जिसके आसपास इंडेक्स फिलहाल नजर आ रहा है। हालांकि, विशेषज्ञ इसे बहुत भरोसेमंद सपोर्ट नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि इंडेक्स ओवरसोल्ड जोन में पहुंच चुके हैं, इसलिए यहां से शॉर्ट कवरिंग के कारण अचानक उछाल आ सकता है। लेकिन इस उछाल को तब तक ट्रेंड रिवर्सल नहीं माना जा सकता, जब तक मजबूती टिकाऊ साबित न हो। निफ्टी आईटी में असली ब्रेकडाउन 28,500 के नीचे ज्यादा स्पष्ट माना जाएगा। इसके बाद 24,500 के आसपास 62% रिट्रेसमेंट स्तर और 24,000-24,200 के जोन में डिमांड बनने की संभावना है। इसलिए 28,500 के नीचे कमजोरी आने पर जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय साइडलाइन रहकर स्थिति साफ होने का इंतजार करने की रणनीति बेहतर मानी जा रही है।
(शेयर मंथन, 14 सितंबर 2026)
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