फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर एक बार फिर निवेशकों की नजर में तेजी से उभरते दिखाई दे रहे हैं। पिछले करीब दो वर्षों से फार्मा इंडेक्स ने बाजार की तुलना में कमजोर प्रदर्शन किया था।
लेकिन अब बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि नए अपसाइकिल की शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस सेक्टर में 15 से 20% तक की तेजी देखने को मिल सकती है। खास बात यह है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और विदेशी बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू मांग पर आधारित फार्मा कंपनियां ज्यादा सुरक्षित और मजबूत विकल्प बनकर सामने आ रही हैं। निवेशकों को उन कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए जिनका कारोबार मुख्य रूप से भारतीय बाजार में केंद्रित है। जिन फार्मा कंपनियों का 80 प्रतिशत या उससे ज्यादा बिजनेस घरेलू बाजार से आता है, वे आने वाले समय में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि वैश्विक राजनीति और ट्रेड पॉलिसी में लगातार बदलाव हो रहे हैं, जिसका असर एक्सपोर्ट आधारित कंपनियों पर पड़ सकता है। ऐसे में घरेलू बाजार पर मजबूत पकड़ रखने वाली कंपनियां ज्यादा स्थिर ग्रोथ देने की स्थिति में दिखाई देती हैं।
फार्मा सेक्टर के भीतर भी कई ऐसे सब-सेगमेंट हैं जहां बड़ी संभावनाएं नजर आ रही हैं। एपीआई यानी एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स बनाने वाली कंपनियां, सीडीएमओ बिजनेस से जुड़ी कंपनियां, फार्मा रिटेल और डायग्नोस्टिक्स से जुड़े कारोबार तेजी से ग्रोथ कर सकते हैं। भारत में हेल्थ अवेयरनेस बढ़ने, मेडिकल टेस्टिंग की मांग में इजाफा होने और हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से इन क्षेत्रों को लगातार फायदा मिल रहा है। खासकर डायग्नोस्टिक्स और फार्मा रिटेल कंपनियां लंबी अवधि में स्थिर ग्रोथ की कहानी पेश कर सकती हैं।
हालांकि हेल्थकेयर सेक्टर में अस्पतालों की कंपनियां भी मजबूती दिखा रही हैं, लेकिन वहां वैल्यूएशन निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन चुके हैं। कई हॉस्पिटल स्टॉक्स पहले ही बड़ी तेजी दिखा चुके हैं और अब वे काफी प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं। यही वजह है कि विशेषज्ञ इस क्षेत्र में निवेश को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि अस्पताल सेक्टर में निवेश केवल चुनिंदा अवसरों पर और टैक्टिकल तरीके से करना बेहतर रहेगा।
फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर आने वाले समय में बाजार के मजबूत थीम्स में से एक बन सकते हैं। लेकिन यहां केवल बड़े नामों के पीछे भागने की बजाय सही बिजनेस मॉडल, मजबूत घरेलू पकड़ और संतुलित वैल्यूएशन वाली कंपनियों का चुनाव करना ज्यादा जरूरी होगा। सही रणनीति अपनाने वाले निवेशकों के लिए यह सेक्टर आने वाले वर्षों में शानदार अवसर पैदा कर सकता है।
(शेयर मंथन, 11 मई 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)