शेयर मंथन में खोजें

इरेडा के अच्छे नतीजों के बाद भी शेयर में गिरावट, क्या निवेशकों को घबराने की जरूरत है?

इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी यानी IREDA के शेयर को लेकर निवेशकों के बीच इस समय असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

एक निवेशक के पास 1,000 शेयर करीब ₹151 के भाव पर हैं और उनका नजरिया लगभग तीन साल का है। उनकी चिंता यह है कि कंपनी के नतीजे आने के बाद शेयर में तेजी के बजाय कमजोरी क्यों दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या शेयर में गिरावट किसी बड़ी नकारात्मक खबर का संकेत है या फिर बाजार पहले से ही ज्यादातर निगेटिव बातों को शेयर की कीमत में शामिल कर चुका है।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि IREDA के हालिया नतीजों को बहुत शानदार कहना सही नहीं होगा। कंपनी ने साल-दर-साल आधार पर करीब 15% की ग्रोथ दर्ज की, लेकिन मार्जिन में बड़ी गिरावट देखने को मिली। मार्जिन लगभग 29% से घटकर 19% के आसपास आ गया। मुनाफे के आंकड़ों में भी पहले की तुलना में कमजोरी दिखाई दी। इसलिए केवल यह देखकर कि कंपनी ने मुनाफा कमाया है, नतीजों को बहुत अच्छा कहना उचित नहीं होगा। हालांकि, बाजार की प्रतिक्रिया को देखते हुए एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इन कमजोर आंकड़ों के बावजूद शेयर में बहुत बड़ा नकारात्मक रिएक्शन नहीं आया।

यही वजह है कि बाजार में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि IREDA से जुड़े ज्यादातर निगेटिव फैक्टर्स पहले ही शेयर की कीमत में शामिल हो चुके हैं। यानी खराब मार्जिन, अपेक्षाकृत धीमी ग्रोथ और वैल्यूएशन को लेकर जो चिंताएं थीं, बाजार ने उन्हें काफी हद तक पहले ही डिस्काउंट कर दिया हो सकता है। इसलिए कमजोर नतीजों के बावजूद शेयर में बड़ी गिरावट नहीं आना अपने आप में एक संकेत माना जा सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि शेयर में तुरंत तेजी आना तय है।

वैल्यूएशन की बात करें तो IREDA के लिए करीब 17 से 18 गुना के स्तर का उल्लेख किया गया है। अगर मौजूदा स्तर से लगभग 10% की गिरावट को देखा जाए तो वैल्यूएशन करीब 15 गुना के आसपास आ सकता है। इस नजरिए से 110 रुपये के आसपास का स्तर एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनता दिखाई देता है। अगर शेयर इस स्तर को बनाए रखता है, तो मौजूदा वैल्यूएशन पर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए स्थिति कुछ हद तक संतुलित रह सकती है। वहीं 110 रुपये के नीचे लगातार कमजोरी आने पर बाजार शेयर के वैल्यूएशन को और नीचे री-रेट कर सकता है।

तीन साल के नजरिए वाले निवेशक के लिए इसलिए केवल एक तिमाही के कमजोर नतीजों के आधार पर जल्दबाजी में फैसला लेना उचित नहीं होगा। IREDA की भविष्य की ग्रोथ, लोन बुक, प्रॉफिट ग्रोथ, मार्जिन और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में फाइनेंसिंग की मांग को लगातार मॉनिटर करना जरूरी होगा। अगर आने वाली तिमाहियों में मार्जिन और अर्निंग्स में सुधार दिखाई देता है, तो मौजूदा वैल्यूएशन बाजार के लिए दोबारा आकर्षक हो सकता है।


(शेयर मंथन, 12 अगस्त 2026)

(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

 

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

देश मंथन के आलेख